झारखंड के देवघर में इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व अभूतपूर्व रूप से मनाया जाएगा। पहली बार झारखंड पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित की जा रही शिव बारात में श्रद्धालुओं को एक साथ 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। पर्यटन विभाग ने शिव बारात के लिए टेंडर निकाला है, जो 20 फरवरी को फाइनल कर दिया जाएगा। 26 फरवरी को बारात केकेएन स्टेडियम से निकलकर बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर तक जाएगी। माना जा रहा है कि यहां शिव बारात देखने के लिए 3-4 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ जुट सकती है। मोबाइल के दुष्प्रभाव पर आधारित झांकी इस भव्य आयोजन में कलयुग की थीम पर आधारित विशेष झांकियां होंगी, जिनमें कलका सूर और कल्कि अवतार प्रमुख हैं। आधुनिक समय की चुनौतियों को दर्शाती हुई मोबाइल के दुष्प्रभाव पर आधारित झांकी भी इस बारात का हिस्सा होगी। 30-40 मंचों पर छउ नृत्य बारात में 50 घोड़े, 15 ऊंट और 250 झंडों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक दल शामिल होंगे। कार्यक्रम की विशेषता ड्रोन शो और लेजर शो होगी, जिसके साथ बारात मार्ग पर 30-40 मंचों पर छउ नृत्य और लोक नृत्य जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसमें 15-20 भांगड़ा दल और विभिन्न बैंड पार्टियां भी अपनी प्रस्तुति देंगी। शहर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों की टीम के अलावा डेढ़ हजार स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों और विधायकों के शामिल होने की संभावना है। डेढ़ हजार कलाकारों और प्रतिभागियों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाएगी। शहर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा और बारात से तीन दिन पूर्व से ही शहर में शिव धुन गूंजेगी। ———————————— ये भी पढ़िए देवघर में पर्यटन विभाग निकालेगा बाबा भोले की बारात:महाशिवरात्रि पर शिव बारात को लेकर बड़ा फैसला, दो समितियों के विवाद का हुआ समाधान झारखंड के प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर में इस वर्ष महाशिवरात्रि पर निकलने वाली शिव बारात का आयोजन पर्यटन विभाग करेगा। राज्य सरकार का यह निर्णय दो समितियों के बीच बारात निकालने को लेकर चल रहे विवाद को समाप्त करने के लिए लिया गया है। पिछले 31 वर्षों से शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष राज नारायण खवाड़े की अध्यक्षता में शिव बारात निकाली जाती थी। हालांकि, पिछले दो वर्षों से यह आयोजन गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के नेतृत्व में हो रहा था। कोरोना महामारी के कारण दो साल तक बारात का आयोजन नहीं हो सका था। पढ़िए पूरी खबर…


