उमरिया के कोयलारी गांव में नशे और अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं ने बुधवार को प्रदर्शन किया। महिलाओं ने गांव में बन रही अवैध शराब के लगभग 50 डिब्बे सड़क पर फेंक दिए। घटना की जानकारी मिलने पर चंदिया पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सड़कों पर बैठकर महिलाओं ने जताया विरोध प्रदर्शनकारी महिलाएं हाथों में नशा मुक्ति के नारे लिखे बोर्ड लेकर सड़कों पर बैठ गईं। उनका मानना है कि नशे के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं और उनके घर बर्बाद हो रहे हैं। यह विरोध अवैध और कच्ची शराब की बिक्री के खिलाफ था। महिलाओं ने गांव को नशामुक्त बनाने की मांग इस मामले में आबकारी विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई। हालांकि, प्रभारी आबकारी अधिकारी सावित्री भगत ने फोन नहीं उठाया। चंदिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शराब के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में भी जुटी हुई है। गांव की महिलाओं ने मांग की है कि उनके गांव को नशा मुक्त बनाया जाए। ग्रामीण ममता बाई ने बताया, “गांव में शराब बंद होनी चाहिए। गांव के बच्चे शराब पीकर परेशान करते हैं।” महिलाओं का कहना है कि अवैध और कच्ची शराब से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।


