मध्यप्रदेश के भिंड से विधायक फूल सिंह बरैया के विवादित बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बिना नाम लिए उनके बयान पर कड़ा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर जारी बयान में राजेंद्र शुक्ल ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर दो टूक बात कही और ऐसे बयानों को खतरनाक मानसिकता का परिचायक बताया। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि किसी महिला की सुंदरता, पहनावे या पहचान को बलात्कार जैसी जघन्य हिंसा से जोड़ना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह विकृत सोच को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बलात्कार किसी परिस्थिति या महिला के अस्तित्व के कारण नहीं, बल्कि अपराधी की आपराधिक मानसिकता के कारण होता है। राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इस तरह के बयान महिलाओं के सम्मान, संविधान द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार और समाज की सामूहिक चेतना पर सीधा हमला हैं। जब जनप्रतिनिधि सार्वजनिक मंच से इस तरह की सोच व्यक्त करते हैं, तो यह केवल महिलाओं का अपमान नहीं, बल्कि समाज में गलत संदेश देने जैसा है। संविधान महिलाओं को समानता, गरिमा और सुरक्षा का अधिकार देता डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि भारत का संविधान महिलाओं को समानता, गरिमा और सुरक्षा का अधिकार देता है। ऐसे बयान इन मूल्यों का उल्लंघन करते हैं और समाज में भय, असंवेदनशीलता और हिंसा को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं को वस्तु नहीं, इंसान समझा जाना चाहिए और अपराध के लिए केवल अपराधी दोषी होता है, पीड़िता नहीं। राजेंद्र शुक्ल ने विधायक फूल सिंह बरैया के बयान की कड़ी निंदा करते हुए अपेक्षा जताई कि ऐसे विचार रखने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, ताकि समाज में कोई गलत संदेश न जाए। गौरतलब है कि फूल सिंह बरैया के बयान के बाद प्रदेश में जाति और महिला सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाजी का दौर जारी है, वहीं सामाजिक संगठनों ने भी इस तरह की टिप्पणियों पर सख्त आपत्ति जताई है।


