मेरठ में रविवार को RAF जवान, उसकी पत्नी और बेटी एक साथ जहर खा लिया। वजह, वह RAF की महिला अधिकारी के टॉर्चर से परेशान था। जवान की मौत हो गई है, जबकि पत्नी की हालत नाजुक बनी है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची की हालत ठीक है। ये मामला कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र का है। सूचना पर पुलिस आनंद अस्पताल में पहुंची। साथ ही जवान के घर वालों का भी आना शुरू हो गया है। बेटी ने पिता की हेड कोच पर टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। पहले 3 तस्वीरें… बेटी बोली- पापा को महिला अफसर तंग करती थी
अस्पताल में भर्ती बेटी नव्या ने बताया- मेरे पिता केशपाल और मम्मी प्रियंका देवी हैं। पिता RAF में जवान हैं। मेरे पिता की एक महिला अफसर है, जो उनको बहुत टॉर्चर करती है। उसने मेरे पापा का मिसयूज किया। उनके साथ और भी कई लोगों को डिसमिस करवा दिया। उसने मेरे पापा को मजबूर किया कि हम सब सुसाइड करें। वो मेरे पापा को धमकी दे रही थी कि तेरी बेटी को 36 घंटे के लिए जेल में डलवा दूंगी। तू भी जेल में सड़ेगा। तुम सब के सब जेल में सड़ोगे, तुम कहीं के नहीं बचोगे। तुम्हारी स्कूटी और घर सब लुट जाएगा। तुम कंगाल हो जाओगे, तुम्हारे पास कुछ नहीं बचेगा। बड़ा भाई बोला-पता नहीं ऐसा क्यों किया
RAF जवान केशपाल के बड़े भाई नेशपाल भी मेरठ पहुंचे। उन्होंने बताया- मेरा भाई केशपाल कंकरखेड़ा के गणपति विहार में पत्नी प्रिंयका, बेटी नव्या और छोटे बेटे किट्टू के साथ रहता था। मैं अपने परिवार के साथ गांव में रहता हूं, वहीं खेती करता हूं। सुबह करीब 9.30 बजे मेरे पास भाई का फोन आया कि हम तीनों ने जहर खा लिया है, अब हम नहीं बचेंगे। तुम मेरे छोटे बेटे किट्टू का ख्याल रखना, इसको पाल लेना। आज ही ड्यूटी पर वापस जाना था
नेशपाल ने कहा- पहले मेरा भाई यहीं RAF मेरठ में पोस्टेड था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से उसकी पोस्टिंग अंबाला में थी। भाई अंबाला से ही आया था, आज उसे वापस ड्यूटी पर जाना था। पता नहीं सुबह ऐसा क्या हुआ कि वह ड्यूटी पर जाने की जगह ये गलत कदम उठा बैठा। भाई ने कहा था कि कोई घरेलू झगड़ा नहीं था। उसका ऑफिस स्टाफ का ही कोई मैटर था। भाई कहता रहा वो निर्दोष है, उसने कुछ नहीं किया
नेशपाल ने बताया- केशपाल ने आखिरी बार यही कहा था कि उसने कोई गलत काम नहीं किया। हम दो ही भाई थे। मैं तो मजदूर हूं, मेरा भाई भी चला गया। वो ड्यूटी करके अपना परिवार चला रहा था। मैं गांव में खेती-मजदूरी करता था। उसने बार-बार यही कहा कि वो गलत नहीं है। कैलाशी अस्पताल में नहीं मिला बेड, फिर आनंद अस्पताल गए तीनों
जब जवान केशपाल और उसकी फैमिली को कैलाशी अस्पताल लाया गया, तो यहां कहा गया कि आईसीयू में बेड खाली नहीं है। भर्ती नहीं कर सकते। इसके बाद भाई उसी हालत में गाड़ी चलाकर आनंद अस्पताल आया। यहां तीनों को भर्ती किया गया। लेकिन, डॉक्टरों ने भाई को मृत घोषित कर दिया। उसकी बच्ची और पत्नी अभी भी गंभीर हालत में भर्ती है। ————————– यह खबर भी पढ़ें सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से डरे यूपी के विधायक-सांसद, यहां सबसे ज्यादा दागी; अगर सजा हुई तो एक तिहाई सीटें खाली होंगी ‘अगर किसी सरकारी कर्मचारी को दोषी ठहराया जाता है तो वह जीवन भर के लिए नौकरी से बाहर हो जाता है। फिर दोषी व्यक्ति संसद में कैसे लौट सकता है? इस टिप्पणी के बाद अपराधी छवि और केस में फंसे विधायक और सांसद परेशान हैं। सबसे ज्यादा दागी विधायक किस पार्टी में हैं? किन मामलों में केस है? अब तक कितनों ने विधायकी गंवाई? पढ़िए पूरी स्टोरी…


