छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने जशपुर में महिला उत्पीड़न से जुड़े छह मामलों की जनसुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने सिटी कोतवाली जशपुर के थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस का कारण है कि थाना प्रभारी एक प्रकरण में अनावेदक को आयोग के समक्ष पेश करने में विफल रहे। आयोग ने कई बार निर्देश देने के बाद भी चार-पांच सुनवाइयों में अनावेदक को पेश नहीं किया गया। अगली सुनवाई रायपुर में जून माह में होगी। यदि इस बार भी थाना प्रभारी अनावेदक के साथ उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके निलंबन की अनुशंसा की जा सकती है। 5 साल से लापता युवक की तलाश का आदेश एक अन्य मामले में एक महिला ने बताया कि उसका 18 साल का बेटा राजेश साय नाम के व्यक्ति के साथ गोवा गया था। पिछले पांच वर्षों से युवक का कोई पता नहीं है। आयोग ने एसडीओपी को राजेश साय के आधार कार्ड से लोकेशन ट्रेस करने का निर्देश दिया है। दो माह के भीतर पुलिस विभाग से रिपोर्ट मांगा गया है। एक अन्य प्रकरण में एक महिला ने सहायक शिक्षक पर दूसरा विवाह करने का आरोप लगाया है। आयोग ने थाना पत्थलगांव को निर्देश दिया है कि वह टीचर को रायपुर में होने वाली अगली सुनवाई में पेश करे। तीन प्रकरण रायपुर ट्रांसफर कुल छह मामलों में से तीन को आगे की सुनवाई के लिए रायपुर ट्रांसफर किया गया है, जबकि शेष तीन मामलों को स्थानीय स्तर पर नस्तीबद्ध कर दिया गया। जशपुर में 9वीं बार जनसुनवाई डॉ. किरणमयी नायक ने बताया कि शुक्रवार को राज्यभर में कुल 315 मामलों की जनसुनवाई की गई, जिनमें से जशपुर जिले में अब तक नौ बार महिला आयोग की सुनवाई हो चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग की सक्रियता के चलते कई पीड़ित महिलाओं को न्याय मिला है, जिनमें एक गरीब महिला को उसकी जमीन पर बने रहने का अधिकार दिलाना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।


