छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ने के मामले में पुलिस ने अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 1 आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। संभावना है कि उसे भी आज गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना में किस आरोपी की क्या भूमिका रही, इसकी भी जानकारी सामने आई है। यह घटना 27 दिसंबर की है। अचानक इलाके में हिंसा भड़क उठी और भीड़ तितर-बितर होकर इधर-उधर भागने लगी। इसी दौरान एक महिला आरक्षक खेत की ओर भागते समय 6-7 लोगों के बीच फंस गई। इसके बाद ग्रामीणों ने महिला आरक्षक को पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। पुलिस जांच के अनुसार, घटना का मुख्य आरोपी चित्रसेन साव सबसे पहले महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ने लगा। इसके बाद मंगल राठिया, जिसके हाथ में डंडा था, उसने भी कपड़े फाड़े। कुछ देर बाद मंगल राठिया मौके से भाग गया, लेकिन अन्य आरोपी महिला आरक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार करते रहे। कन्हैया राठिया, उसका सगा भाई वनमाली राठिया, प्रेमसिंह राठिया और कीर्ति श्रीवास महिला आरक्षक को पकड़ने और घेरने में शामिल थे। इनमें से कुछ आरोपियों के हाथों में लाठी-डंडे भी थे। इस पूरी घटना का वीडियो चिनेश राठिया ने अपने मोबाइल से बनाया। बताया जा रहा है कि जब महिला आरक्षक किसी तरह वहां से बचकर भागी और डर के कारण एक जगह छिप गई, तो कन्हैया राठिया हाथ में कुल्हाड़ी लेकर उसे खोजता रहा। कैसे पकड़ा गया मुख्य आरोपी घटना का मुख्य आरोपी चित्रसेन साव था, जो मामला सामने आने के बाद फरार हो गया। पुलिस और साइबर की टीम इसकी खोजबीन कर रही थी। तभी रविवार (4 जनवरी) की रात को पुलिस को जानकारी हुई कि चित्रसेन पड़िगांव में अपने बहनोई के यहां छिपा हुआ है। ऐसे में रात में मौके के लिए रवाना हुई और जब उसके बहनोई शिव से पूछताछ की। तब उसने बताया कि घर के पीछे करीब 200 मीटर दूर घर में छिपा है। वह एक कमरे में अकेले था, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। प्लांट में हाउस कीपिंग का काम किया पुलिस के मुताबिक, आरोपी चित्रसेन साव जिंदल कंपनी में 22 साल से हाउस कीपिंग का काम करता था। इसके अलावा वनमाली और कन्हैया खेती किसानी करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी चिनेश खम्हारी वीडियो बनाने में माहिर है और वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरा कर चुका है। इसके अलावा कीर्ति श्रीवास नाई का काम करता था। क्यों हुई थी हिंसा दरअसल, मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे। 27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण जमा हो गए। सड़क पर बैठकर आने-जाने का रास्ता रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया। धरनास्थल पर लगे टेंट में वापस भेज दिया। कुछ समय बाद भीड़ की संख्या करीब 1000 के आसपास हो गई। हालात बिगड़े, महिला TI को लात घूसों से पीटा घरघोड़ा के एसडीएम और पुलिस अधिकारी लगातार माइक से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे, लेकिन भीड़ बार-बार सड़क पर आकर रास्ता रोकने की कोशिश करती रही। करीब दोपहर ढाई बजे अचानक हालात बिगड़ गए। भीड़ ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए। पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस पर जमकर लाठियां और पत्थर बरसाए गए। तमनार थाना प्रभारी कमला पुषाम को महिलाओं ने लात-घूंसे से पीटा गया था। जिससे कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक भी घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था। अगले दिन घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… तमनार हिंसा…महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी, 5 अरेस्ट: खेत में अर्धनग्न कर VIDEO बनाया, कांग्रेस बोली-मानवता शर्मसार हुई, सरकार आत्ममंथन करे, बीजेपी बोली-कड़ी सजा मिलेगी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। महिला आरक्षक जब वह खेत में गिर गई, तो वर्दी फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…


