डिंडौरी में महिला जनप्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझाने के लिए तीन दिनों का एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा गया। अमरपुर जनपद पंचायत परिसर में बुधवार को यह प्रोग्राम खत्म हुआ। इस ट्रेनिंग की सबसे खास बात यह थी कि महिलाओं को खेल-खेल में पंचायत के नियम समझाए गए। ट्रेनिंग देने वाली संगती धुर्वे ने बताया कि अक्सर महिलाएं सरपंच या पंच तो बन जाती हैं, लेकिन उन्हें अपने अधिकारों की पूरी जानकारी नहीं होती। इस वजह से वे दूसरों पर निर्भर रहती हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सांप-सीढ़ी’ का खेल खिलाया गया, जिसके जरिए उन्हें बताया गया कि ग्राम सभा कैसे चलाई जाती है और विकास के काम कैसे होते हैं। खुद जिम्मेदारी संभालेंगी महिलाएं जनपद सीईओ ने बताया कि इस तीन दिन की ट्रेनिंग का मकसद यही था कि महिला सरपंच और पंच अपनी जिम्मेदारियों को खुद समझें। जब वे खुद जागरूक होंगी, तभी गांव के विकास कार्यों में उनकी भूमिका असरदार होगी और वे बिना किसी के दबाव में आए अपना काम कर पाएंगी। सरपंचों ने बताया कैसा रहा अनुभव झरना घुघरी गांव की सरपंच सेम कली धुर्वे ने बताया कि इस खेल ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा कि “हम कम पढ़े-लिखे हैं, इसलिए थोड़ी बहुत मदद तो लेनी पड़ेगी, लेकिन अब हमें काफी हिम्मत मिली है। अब हम काफी हद तक अपनी जिम्मेदारी खुद संभाल पाएंगे।”


