राजधानी में एक महिला ठग पिछले कई महीने से सक्रिय है और वह खुद को रिम्स का शल्य चिकित्सक सहायक बताकर लोगों को नौकरी लगाने का झांसा देते हुए रुपए ठग रही है। अलग-अलग जगहों पर रहने वाले 8 लोगों से अबतक 1.27 करोड़ रुपए ठग लेने की बात सामने आई है। किसी भी व्यक्ति से मुलाकात के बाद वह पहले उससे दोस्ती बढ़ाती है, फिर विश्वास में लेकर ठगी करती है। आरोपी महिला के खिलाफ राजधानी के 4 थानों में 8 पीड़ित अबतक प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं। हालांकि इसके बावजूद पुलिस आरोपी महिला को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपी महिला का नाम उषा बाखला है आैर वह धुर्वा के सीठियो स्थित दुमदुम गांव की रहने वाली है। उषा ने किसी को रिम्स में ड्राइवर तो किसी को हाउस कीपिंग की नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी की है। इसके अलावा एक व्यक्ति को राजभवन में भी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 16 लाख रुपए ठग िलए हैं। कई पीड़ित लगातार पुलिस के संपर्क में हैं आैर महिला को पकड़ने की गुहार लगाते हुए पैसे वापस कराने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी आरोपी महिला को पकड़ने में असफल रही है। इन 4 थानों में दर्ज हैं एफआईआर… बरियातू थाना : रिम्स में नौकरी लगवाने की बात कह मुन्ना यादव से 22 लाख ठगे। आरोपी महिला ने मुन्ना यादव के दोनों बेटों को नौकरी का झांसा दिया था। नगड़ी थाना : कार्तिक मुंडा से 16 लाख की ठगी की गई है। कार्तिक को राजभवन में नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया था। वहीं बुलबुल मुंडा से भी नौकरी लगवाने के नाम पर 22 लाख रुपए लिए गए। दोनों पीड़ित ने नगड़ी थाने में शिकायत की है। धुर्वा थाना : रिम्स में शल्य चिकित्सक सहायक के पद पर कांट्रैक्ट में खुद की नौकरी लगने की बात कही। इसके लिए काफी पैसा खर्च होने की बात कहते हुए सत्येंद्र कुमार से आर्थिक मदद मांगी। आरोपी महिला ने 3 लाख रुपए लिये, लेकिन वापस करने के बजाए वह फरार हो गई। सनिश मिंज को रिम्स में नौकरी का झांसा दिया और उससे 3.39 लाख रुपए ठग कर फरार हो गई। {खरसीदाग ओपी : फ्लैट निर्माण में इन्वेस्टमेंट करने के बाद ज्यादा मुनाफा देने की बात कह विमल उरांव से 58 लाख रुपए लिए। कुछ महीने मुनाफा के नाम पर एक लाख रुपए वापस भी किए। हालांकि इसके बाद आरोपी महिला अचानक फरार हो गई।


