मोगा की युवती से जगराओं के बाबा द्वारा करीब सवा साल पहले होटल में बलात्कार करने के मामले में लुधियाना जेल में बंद जगराओं की अखाड़ा नहर स्थित गुरुद्वारा चरण घाट के मुखी बाबा बलविंदर सिंह को मोगा की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को धर्म की आड़ में किया गया गंभीर अपराध मानते हुए अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों और पीड़िता की गवाही को अहम माना। सजा सुनाए जाने के समय आरोपी पहले से ही लुधियाना जेल में बंद था। सितंबर 2024 में सामने आए थे गंभीर आरोप गौरतलब है कि दुबई में फरार चल रहे अमृतपाल सिंह महिरों ने सितंबर 2024 में गुरुद्वारा चरण घाट के मुखी बाबा बलविंदर सिंह पर गुरुद्वारा साहिब में महिलाओं के शारीरिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। इस दौरान कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिसके बाद जगराओं पुलिस ने थाना सिटी में बाबा बलविंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया था। होटल के कमरे में ले जाकर किया बलात्कार इसके बाद मोगा के थाना मैहणा में दर्ज एक अन्य मामले में एक महिला श्रद्धालु ने शिकायत की थी कि बाबा बलविंदर सिंह उसे मोगा के एक होटल के कमरे में ले गया, जहां उसके साथ बलात्कार किया गया। इस मामले की मोगा अदालत में लगातार सुनवाई चली और दोष साबित होने पर अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई। समाज को मिला सख्त संदेश अदालत के इस फैसले से धर्म की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त संदेश गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। इस फैसले को न्याय की जीत के रूप में देखा जा रहा है।


