महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण:राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत रोगों की पहचान और स्क्रीनिंग पर जोर

करौली में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नवपदस्थापित महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना और क्षेत्र में मरीजों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना था। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मानसिक रोगों की पहचान, स्क्रीनिंग और समय पर उपचार के लिए मरीजों को रेफर करने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। इस दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सतीश चंद मीणा भी मौजूद रहे। सीएमएचओ डॉ. जयंतीलाल मीणा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से दिया जा रहा है। उन्होंने प्रशिक्षार्थियों से अपने कार्यक्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य के प्रत्येक घटक को समझते हुए स्क्रीनिंग करने और जरूरतमंद मरीजों को जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक इकाई तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मनोचिकित्सक डॉ. प्रेमराज मीणा ने जानकारी दी कि सिरदर्द, तनाव, घबराहट, बेचैनी, अनिद्रा और नशीले पदार्थों का सेवन जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि शुरुआती चरण में पहचान, उचित परामर्श और उपचार से गंभीर मानसिक रोगों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रामस्वरूप ने समाज में प्रचलित दैवीय प्रकोप या ऊपरी बाधा जैसी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने के लिए लगातार जनजागरूकता गतिविधियां चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। साइकियाट्रिक नर्स गौरव गोयल ने टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक रोगों को छिपाने के बजाय उचित काउंसलिंग और उपचार लेना चाहिए। सीआरए गौरव शर्मा ने विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। प्रशिक्षण के दौरान महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव भी साझा किए।

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