मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला खेतौली में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। स्कूल में पदस्थ शिक्षिका महीने में केवल 5 से 10 दिन ही उपस्थित रहती हैं। जबकि शिक्षा विभाग पूरे महीने का वेतन दे रहा है। स्कूल में 47 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। टीचर की लगातार अनुपस्थिति के कारण प्रिंसिपल को अकेले ही सभी कक्षाओं को संभालना पड़ रहा है। सरपंच बाबूलाल मरावी के मुताबिक, स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ हैं। लेकिन एक शिक्षिका ही आती हैं, वह भी नियमित नहीं। शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए है। शिकायत के बाद जांच के आदेश स्कूल की मिड-डे मील की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय निवासी सुमनलता सिंह ने बताया कि चावल में झिल्ली और चमक दिखाई दे रही है। उन्होंने इसकी शिकायत जनपद सदस्य, सीईओ और सरपंच से की, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने भरतपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी और सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


