भास्कर न्यूज | मनेंद्रगढ़ उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भ रतपुर (एमसीबी) जिले के पहले प्रवास पर कैट (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) की जिला इकाई ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कैट ने उन्हें एक मांग पत्र सौंपकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी क्षेत्र में एक वृहद औद्योगिक इकाई, विशेषकर एल्युमिनियम एलॉय और मोटर व्हीकल पार्ट्स का उद्योग स्थापित करने की मांग की। इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। कैट के जिलाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार ने मांग पत्र में कहा कि मनेंद्रगढ़-चिरमिरी क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद औद्योगिक रूप से पिछड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में कोयले का प्रचुर भंडार है, जो किसी भी बड़े उद्योग के लिए ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है। साथ ही, नदियों की उपलब्धता के कारण जल की भी पर्याप्त आपूर्ति संभव है। कैट ने इस बात पर जोर दिया कि समीपवर्ती कोरबा में एल्युमिनियम आसानी से उपलब्ध है और यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग के पास होने से परिवहन की बेहतर सुविधाएं भी हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर यहां कोई बड़ा उद्योग स्थापित होता है, तो इससे आदिवासी युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और उनका सामाजिक-आर्थिक उत्थान होगा। उन्होंने उद्योग स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि पंजी बुंदेली क्षेत्र में पूर्व में पावर प्लांट के लिए आरक्षित लगभग 400 एकड़ भूमि का उपयोग प्रस्तावित उद्योग के लिए किया जा सकता है। कैट ने उम्मीद जताई कि बड़े उद्योग की स्थापना से बेरोजगारी, पलायन और आर्थिक पिछड़ापन जैसी समस्याएं दूर होंगी। इसके अलावा, राज्य सरकार को भी कर और राजस्व में वृद्धि होगी और यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बना सकेगा। इस दौरान कैट के जिला महामंत्री अरविंद सर्राफ, जिला कोषाध्यक्ष विनय जायसवाल सहित कई सदस्य उपस्थित थे।


