लखनऊ में मां की हत्या के बाद से फरार बेटे की लोकेशन मिली है। वह हत्या के तीन दिन बाद रविवार को प्रयागराज में ट्रेस हुआ। पुलिस का कहना है कि वह ऑनलाइन गेम में रुपए हारा था। मां से मदद न मिलने पर उनकी हत्या की। उसने गर्लफ्रेंड से भी मदद मांगी थी। घटना रायबरेली रोड स्थित कल्ली पश्चिम के बाबूखेड़ा यादव गांव की है। 3 अक्टूबर को डेयरी संचालक रमेश यादव की पत्नी रेनू की दिनदहाड़े घर में हत्या कर दी गई। उसके बाद से मझला बेटा निखिल कहीं मिल नहीं रहा था। उसने अपने मामा को फोन कर बताया था कि कुछ लोग उसका पीछा कर रहे हैं। हालांकि, थोड़ी ही देर में 2 सीसीटीवी की फुटेज में वह बाइक से बिना डर के जाता दिखा। दूसरे दिन उसकी बाइक चारबाग में पार्किंग में खड़ी मिली। फुटेज में वह त्रिवेणी एक्सप्रेस में चढ़ता दिखा। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। रविवार को उसकी लोकेशन प्रयागराज में ट्रेस होने के बाद पुलिस की एक टीम प्रयागराज पहुंच गई। वहां उसकी तलाश जारी है। वारदात के बाद से उसने फोन स्विच ऑफ कर लिया था। जब भी फोन ऑन करता है उसकी लोकेशन का पता चल जाता है। पहले जानिए घटना क्या है… 3 अक्टूबर को बाबूखेड़ा यादव गांव में दोपहर ढाई बजे के करीब एक महिला की हत्या कर दी गई। इसके बाद उसका मझला बेटा लापता हो गया। महिला दो दिन पहले मायके गई थी। उसे वहां से मझला बेटा बुलाकर लाया था। कुछ ही देर में घर में महिला की खून से सनी लाश मिली। महिला की पहचान रेनू यादव के रूप में हुई। महिला के छोटे बेटे नितिन ने बताया था कि भाई (निखिल) मां को ननिहाल से लेकर आए थे। मैं बगल में चाचा के घर चला गया था। लौटकर आया तो देखा कि मां को खून बह रहा है और वह बेहोश पड़ी हैं। इस दौरान न भाई घर में दिखा और न ही उनकी बाइक। महिला के भाई यानी लड़कों के मामा ने बताया था कि उसने फोन कर किसी का पीछा करने की बात बताई। हालांकि इन कहानियों के करीब 2 घंटे बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आ गई। उसमें वही बेटा जो लापता और किडनैप किया हुआ बताया जा रहा था, बाइक से जाता दिखा। पुलिस ने मां की हत्या होने की शंका से भी उसकी तलाश तेज कर दी। अगल दिन उसकी बाइक चारबाग स्टेशन की पार्किंग में मिली और फुटेज में त्रिवेणी एक्सप्रेस में सवार होता दिखा। अब पढ़िए 4 दिन बाद अपडेट क्या है ऑनलाइन गेम में हारे थे रुपए, गर्लफ्रेंड तक पहुंची पुलिस पुलिस जांच में पता चला है कि निखिल ऑनलाइन गेम का शौकीन था और उसने खेल में काफी रुपए गंवाए थे। नुकसान की भरपाई के लिए उसने एप के जरिए कुछ रकम लोन भी ली थी। पुलिस का मानना है कि उधारी और तकाजे के दबाव में वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। निखिल की कॉल डिटेल खंगालने पर पुलिस उसकी एक गर्लफ्रेंड तक पहुंची है। पूछताछ में उसने बताया कि निखिल पिछले कुछ दिनों से उससे रुपए मांग रहा था। इसके अलावा उसने अपने कुछ अन्य दोस्तों से भी पैसों की मदद मांगी थी, लेकिन किसी ने उसे पैसे नहीं दिए थे। दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ की, कुछ सुराग मिले निखिल के अरुण नाम के दोस्त को पुलिस ने हिरासत में लिया। उससे पूछताछ की है। वारदात के बाद निखिल लगातार उसको कॉल करता रहा। उधर, पोस्टमॉर्टम के बाद शनिवार देर शाम रेनू का अंतिम संस्कार कड़ी पुलिस सुरक्षा में किया गया। शुक्रवार शाम रेनू का शव घर के अंदर खून से लथपथ मिला था। पास में खून से सना सिलेंडर पड़ा था, जिससे सिर पर वार किए जाने की आशंका जताई गई थी। घटनास्थल पर डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल, जेसीपी कानून व्यवस्था बबलू कुमार और फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए थे। निखिल में काफी होशियार था लेकिन ऐसा क्यों किया इसकी जानकारी नहीं है। उसके पकड़े जाने पर पूरे मामले से पर्दा उठने की उम्मीद है। पुलिस को आशंका है कि भागने से पहले निखिल ने घर से भी कुछ रुपए निकाल लिए थे। महिला के सिर पर तीन से चार वार किए, हड्डी टूटी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि रेनू के सिर पर भारी वस्तु से तीन से चार वार किए गए थे। प्रहार इतने तेज थे कि सिर की हड्डी टूट गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने पर मौत हुई। इलाके के लोगों की मानें तो निखिल काफी शांत स्वभाव का था। अपने से ही मतलब रखने वाले लड़कों में है। किसी के घर या मोहल्ले में भी फर्जी घूमता नहीं मिला। लेकिन इतनी बड़ी घटना क्यों की इसको लेकर सब हैरान हैं। वहीं घटना के वक्त टीवी की आवाज तेज कर दी थी। आसपास के लोगों को उस दिन की घटना याद करने पर पता चला। पिता बोले- लूट के बाद हत्या, मेरा बेटा निर्दोष पति रमेश यादव ने वारदात वाले दिन बताया था कि आज दोपहर में पत्नी रेनू अपने घर से वापस आई। कैसे क्या हुआ हमको नहीं पता है। हमको निखिल ने फोन करके घटना की जानकारी दी और खुद की जान को खतरा बताया। उसके बाद से उसका फोन नहीं मिल रहा है। बदमाश 5-6 लाख रुपए का सामान लूट ले गए हैं। घटना के 4 दिन बाद भी रमेश यादव गहरे सदमे में हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर से कहा- “48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस पत्नी की हत्या के असली आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। उल्टा मेरा बेटा निखिल संदिग्ध बना दिया गया है। इससे हमारी समाज में बहुत बदनामी हो रही है। निखिल के सामने आने के बाद मामले की सच्चाई साफ हो जाएगी। बेटा बोला- मां बेहोश पड़ी थीं, उनको अस्पताल पहुंचाया मृतका के छोटे बेटे नितिन ने बताया- मां दो दिन पहले नानी के यहां गई थी। आज भाई उनको लेकर दोपहर ढाई बजे घर आए। उसके बाद मैं चाचा के घर चला गया था। जब 4 बजे वापस आया तो देखा कि मां बेहोश पड़ी थीं। उनके आसपास खून बिखरा हुआ था। घर में भाई निखिल भी नहीं थे और उनकी बाइक भी नहीं थी। मैंने दौड़कर चाचा को जाकर बुलाया। हम और चाचा ने मिलकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। भाई का कोई पता नहीं चल रहा है। मुकदमा दर्ज किया, पति ने ऑडियो रिकॉर्डिंग सौंपी थी डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि थाना पीजीआई में सूचना मिली कि बाबूखेड़ा गांव में एक महिला को मारा गया है। आसपास के लोगों की मदद से उनको पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतका के पति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतका के पति ने एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी है। उसमें सामने आया है कि उनके बेटे की ओर से कुछ लोन लिया गया था। उसी लोन को न चुका पाने पर कुछ लोगों ने मारने-पीटने की धमकी दी थी। तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज आदि की जांच करवाई जा रही है। ———————– ये खबर भी पढ़िए… पवन सिंह की पत्नी लखनऊ वाले घर में फूट-फूटकर रोईं : बोलीं- यहां से मेरी अर्थी उठेगी; रातभर घर में रहीं, पवन सिंह दूसरे फ्लैट पर भोजपुरी स्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह रविवार को बिहार से लखनऊ उनके घर पहुंच गईं। इस दौरान अंसल गोल्फ सिटी स्थित पवन सिंह के घर में थोड़ा बवाल भी हुआ। पुलिस ज्योति को पकड़ने पहुंच गई। उसके बाद ज्योति बोलीं- इस घर से ऐसे नहीं जाऊंगी, यहां से मेरी अर्थी ही उठेगी। (पूरी खबर पढ़िए)


