मां के जन्मोत्सव का प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए

भास्कर न्यूज | लुधियाना सिविल लाइंस स्थित श्री दण्डी स्वामी तपोवन आश्रम के प्रांगण में इन दिनों भक्ति और शक्ति की अनूठी गंगा बह रही है। गुप्त नवरात्रों के परम पावन उपलक्ष्य पर आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा के चौथे दिन भगवती जन्मोत्सव का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। समूचा कथा स्थल भगवती के जयकारों और शंखध्वनि से गुंजायमान रहा। कथा के विशेष प्रसंग के दौरान जैसे ही मां भगवती के बाल स्वरूप की मनमोहक झांकी ने पंडाल में प्रवेश किया भक्तों का उत्साह देखने लायक था। पुष्प वर्षा के साथ झांकी का भव्य स्वागत किया। व्यास पीठ से कथा का रसपान कराते हुए प्रखर वक्ता पं. शुभम तिवारी ने भगवती के प्राकट्य और उनके ममतामयी स्वरूप की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि जब-जब संसार में अधर्म और अत्याचार बढ़ता है तब-तब आदिशक्ति भक्तों के उद्धार और लोक कल्याण के लिए अवतार ग्रहण करती हैं। मां का बाल स्वरूप यह संदेश देता है कि ईश्वर केवल प्रेम और शुद्ध भाव के भूखे हैं। पं. शुभम तिवारी ने स्पष्ट किया कि देवी भागवत का श्रवण मात्र व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय कर उसे मुक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। इस पावन बेला पर भक्ति का आनंद लेने पहुंचे मुख्य यजमानों और अतिथियों में शुभम मलिक, शकुंतला देवी, पारुल मलिक, मीरा और आशा माटा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। आयोजन समिति गंगा डेवलपर्स के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में इंजीनियर भुवनेश महेंद्रू ने बताया कि कथा में लोगों में अपार उत्साह है और प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु मां के चरणों में शीश नवाने पहुंच रहे हैं।

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