इंदौर के भगीरथ पुरा निवासी सुदामा योगीनाथ (62) अपनी 89 वर्षीय मां रामकली को व्हीलचेयर पर बिठाकर नर्मदा परिक्रमा करा रहे हैं। श्रवण कुमार से प्रेरित होकर सुदामा ने अपनी मां की इच्छा पूरी करने के लिए यह यात्रा अप्रैल महीने में ओंकारेश्वर से शुरू की थी। वर्तमान में वे डिंडोरी से मंडला की ओर बढ़ रहे हैं। पेशे से सिक्योरिटी गार्ड सुदामा के मन में चार साल पहले भी नर्मदा परिक्रमा करने की इच्छा जागी थी। तब वे अपने पैतृक गांव सागर जिले के डी भाभूका पहुंच गए थे। उदयपुरा के पास बोरास घाट में बैठे थे, तभी उन्हें अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी का दायित्व याद आया और वे घर लौट गए। पिछले ग्यारह साल से नमकीन क्लस्टर में काम करने वाले सुदामा के दो बेटे सूरज, हरिओम और एक बेटी किरण की शादी पहले ही हो चुकी थी। उन्होंने 2024 में अपनी सबसे छोटी बेटी मुस्कान की शादी भी कर दी। इसके बाद सुदामा की मां रामकली ने भी नर्मदा परिक्रमा करने की इच्छा व्यक्त की। उम्र अधिक होने के कारण वे चल नहीं सकती थीं। मां की इच्छा पूरी करने के लिए सुदामा ने उन्हें व्हीलचेयर पर बिठाकर परिक्रमा शुरू की। यह यात्रा अप्रैल महीने में ओंकारेश्वर से प्रारंभ हुई। रविवार को मंडला बस स्टैंड के पास सुबह करीब 11 बजे कई लोग उन्हें देखने के लिए एकत्र हुए। लोगों ने उन्हें फल-फूल भेंट किए और कुछ ने आर्थिक सहायता भी दी। कई लोगों ने सुदामा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। स्थानीय निवासी रवि सिंह ने कहा कि आज के समय में जब लोग अपने माता-पिता से दूर रहते हैं, ऐसे में सुदामा ने श्रवण कुमार की याद दिला दी है। रामकली ने अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि वे नर्मदा मैया की परिक्रमा करना चाहती थीं, लेकिन बढ़ती उम्र के कारण चल नहीं सकती थीं। उन्होंने कहा, “मेरा बड़ा बेटा मुझे परिक्रमा करवा रहा है। मेरी इच्छा है कि सभी बच्चे खुश रहें और भगवान सबको ऐसा बेटा दे।”


