मां ताप्ती का जल कलश में भरकर निकलेगी शोभायात्रा यात्रा:स्वामीनारायण मंदिर में 155वां पाटोत्सव कल से; विदेश के भी श्रद्धालु

बुरहानपुर के सिलमपुरा स्थित प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर में भगवान हरि कृष्ण महाराज के 155वें पाटोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 23 जनवरी से शुरू होने वाले इस पावन पर्व को लेकर मंदिर परिसर में हरि भक्तों की चहल-पहल, भजन-कीर्तन और धार्मिक गतिविधियों से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। यहां विराजमान भगवान लक्ष्मी नारायण देव की प्रतिमा की स्वयं भगवान स्वामीनारायण ने छह माह तक पूजा-अर्चना की थी और बाद में यह प्रतिमा बुरहानपुर के हरि भक्तों को अपने हाथों से प्रदान की थी। इसी कारण यह मंदिर देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। 23 जनवरी: पाटोत्सव का शुभारंभ
पाटोत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को दोपहर 3 से 5 बजे तक मंदिर परिसर में विशेष सत्संग के साथ होगा। इसके बाद सभी हरि भक्त ताप्ती नदी के राजघाट पहुंचेंगे, जहां ताप्ती मैया का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जाएगा। पूजन के पश्चात भगवान स्वामीनारायण का नौका विहार संपन्न होगा। नौका विहार के बाद ताप्ती मैया के पवित्र जल को कलश में भरकर भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जो नगर भ्रमण करते हुए मंदिर परिसर में पहुंचेगी। 24 से 26 जनवरी: भक्त चिंतामणि कथा
24 से 26 जनवरी तक प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक भक्त चिंतामणि कथा का आयोजन किया जाएगा। कथा का वाचन शास्त्री चिंतन स्वामी अपने मधुर वाणी, संगीत और शास्त्रार्थ के माध्यम से करेंगे। कथा के यजमान श्री गोविंददास नगिनदास शाह (वडतालवाले) रहेंगे। 25 जनवरी: विशेष अभिषेक और शाकोत्सव
25 जनवरी को प्रातः मंगला आरती के बाद भगवान लक्ष्मी नारायण देव एवं हरि कृष्ण महाराज का विशेष अभिषेक किया जाएगा। इस अभिषेक में फलों का जूस, शक्कर, केसर, दूध और दही का उपयोग होगा। इसके पश्चात भगवान का फूलों से भव्य राजोपचार किया जाएगा। मान्यता है कि इस पावन अभिषेक के जल का सेवन करने से कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों से भी मुक्ति मिलती है। यह जानकारी शाकोत्सव के यजमान पंकज शाह ने दी।अभिषेक के बाद आरती, पूजन और छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे। संध्या काल में कथा के पश्चात शाकोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें सभी हरि भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। 26 जनवरी: समापन समारोह
26 जनवरी को संध्या समय कथा की भव्य पूर्णाहुति के साथ पाटोत्सव का समापन होगा। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट, भजन-कीर्तन और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। इस संपूर्ण आयोजन की जानकारी कोठारी महंत पीपी स्वामी एवं शास्त्री चिंतन स्वामी ने प्रेस वार्ता में दी। वहीं मंदिर के दिनेश भगत द्वारा हरि भक्तों को सेवा और सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह जानकारी मंदिर के मीडिया प्रभारी गोपाल देवकर ने साझा की।

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