पन्ना जिले के अजयगढ़ क्षेत्र के माधवगंज थाना अंतर्गत 17 सितंबर को हुई मां और 5 साल के बेटे की हत्या के मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मृतकों में सोनू कुशवाहा और उनका 5 साल का बेटा शामिल है। इससे पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे पीड़ित परिवार और सामाजिक संगठनों में भारी गुस्सा है। एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई की मांग आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में पीड़ित परिवार और ओबीसी महासभा ने 6 अक्टूबर को पन्ना एसडीओपी (SDOP) को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और पुलिस अधीक्षक के नाम से भेजा गया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं- फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी। पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करना, क्योंकि उन्हें जान-माल का खतरा बना हुआ है। राज्य सरकार द्वारा मृतकों के आश्रितों को मानवाधिकार के तहत उचित क्षतिपूर्ति राशि (मुआवजा) देना। परिवार ने बताया है कि आरोपियों के परार होने के कारण वे अपने ही घर में डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं। पुलिस को 10 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम बसपा के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कमलेश भाई पटेल ने इस मामले में पुलिस प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस 10 अक्टूबर तक यानी चार दिनों के भीतर इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है, तो ओबीसी महासभा हजारों की संख्या में एकत्र होकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।


