मां बोली-पुलिस ने मेरे बेटे को पीट-पीटकर टांग तोड़ी:झालावाड़ पुलिस का दावा-भागने की कोशिश में गिरा, चाकूबाजी के आरोपी की हालत गंभीर

झालावाड़ के कोतवाली थाना पुलिस पर एक युवक को पीट-पीटकर पैर तोड़ने का गंभीर आरोप लगा है। मामला जिले के नई जेल कच्ची बस्ती निवासी अनिल से जुड़ा है, जो चाकूबाजी के एक मामले में आरोपी था। उस पर 18 दिसंबर को मुकदमा दर्ज हुआ था और वह फरार चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने अनिल को हिरासत में लिया और उसके बाद बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसका एक पैर टूट गया। कथित मारपीट में गंभीर रूप से घायल अनिल को पहले झालावाड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे कोटा के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, जहां वह फिलहाल बेहोशी की हालत में इलाजरत है। परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जब वे अनिल को पकड़ने पहुंचे तो वह हाथ छुड़ाकर भागने लगा, इसी दौरान गिरने से उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने अनिल के साथ कोई मारपीट नहीं की। विवाद को लेकर सामने आए 2 बयान 1. मां ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप
झालावाड़ में घायल अनिल की मां ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि कल कई पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने के बाद उनके छोटे बेटे अनिल को पकड़कर अपने साथ ले गए। परिजन जब कोतवाली थाने पहुंचे तो पुलिस ने अनिल के वहां होने से इनकार कर दिया। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि अनिल के साथ मारपीट की गई है। उसकी टांग तोड़ दी गई है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मां का कहना है कि अनिल का नाम एक मामूली लड़ाई-झगड़े के मामले में लिख दिया गया था, जबकि उसने कोई बड़ा अपराध नहीं किया, इसके बावजूद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। 2. एसपी ने आरोपों को किया खारिज, बताया भागने के दौरान हुआ फ्रैक्चर
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। एसपी के अनुसार अनिल चाकूबाजी के एक मामले में आरोपी था, जिस पर 18 दिसंबर को मुकदमा दर्ज हुआ था और वह फरार चल रहा था। पुलिस जब उसे पकड़ने पहुंची तो वह हाथ छुड़ाकर भागने लगा, इसी दौरान गिरने से उसकी टांग में फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी उसे सीधे थाने नहीं ले गए, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, परिजनों को सूचना दी गई और बड़े भाई की मौजूदगी में इलाज शुरू कराया गया। एसपी का कहना है कि मारपीट के आरोप गलत हैं और मामले में नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।

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