झारखंड के गोड्डा जिले में स्थित प्रसिद्ध मां योगिनी मंदिर का कायाकल्प होने जा रहा है। पर्यटन, कला संस्कृति और खेलकूद युवा कार्य विभाग ने 5 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत से सौंदर्यीकरण का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया है। 52 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर जिला मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर बारकोप में स्थित है। द्वापर युग का यह प्राचीन मंदिर पांडवों के अज्ञातवास से भी जुड़ा है। महाभारत काल में इसे गुप्त योगिनी मंदिर के नाम से जाना जाता था। तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर कामाख्या मंदिर के समकक्ष माना जाता है। मंदिर की सबसे खास विशेषता इसका गर्भगृह है, जो 354 सीढ़ियों के बाद ऊंचे पहाड़ पर स्थित है। गर्भगृह तक पहुंचने के लिए एक विशेष गुफा से होकर गुजरना पड़ता है। गुफा बाहर से संकरी और अंधेरी दिखती है, लेकिन अंदर जाने पर चमत्कारिक रूप से प्रकाशमय हो जाती है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, बिना किसी बिजली की व्यवस्था के यह प्रकाश मां योगिनी की कृपा का प्रतीक है। नए विकास कार्यों में तोरण द्वार, भक्त विश्राम गृह, गेस्ट हाउस और पार्क का निर्माण शामिल है। इन सुविधाओं से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि झारखंड और बिहार से आने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यटन निदेशालय के निर्देशानुसार योगिनी स्थान के सौंदर्गीकरण का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। लैंड मैपिंग कर रिपोर्ट भेजा जा रहा है। अगले आदेश के बाद इसका टेंडर निकाल जाएगा और संभवतः इसी वर्ष कुछ महीनों में कार्य भी शुरू कर दिया जाएगा। -प्राण महतो, पर्यटन और खेल पदाधिकारी


