भास्कर न्यूज | नवडीहा जमुआ प्रखंड अंतर्गत कुरहो बिंदो पंचायत के गोविंदाटांड़ गांव में अवस्थित प्रसिद्ध मां रक्षा काली मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां के दरबार में हाजिरी लगाता है, वह कभी खाली हाथ नहीं लौटता। आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा- र्चना करने पहुंचते हैं। इस वर्ष गोविंदाटांड़ गांव में मां रक्षा काली माघी मेला का आयोजन 26 जनवरी से 28 जनवरी तक किया जाएगा। मेले को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और मेला समिति के सदस्य पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप देने के लिए पंडाल निर्माण, प्रतिमा निर्माण एवं अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 1993 में हुई थी मंडप की स्थापना, इससे जुड़ी है आस्था ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1993 में माघ माह की ठंड और कोहरे भरी रात में एक दाढ़ी वाले बाबा गांव पहुंचे थे। उन्होंने रातों-रात चतुर्भुज शेरावाली माता की मिट्टी की प्रतिमा का निर्माण किया। सुबह होते ही बाबा ने शंखनाद किया, जिसकी आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गए। बाबा ने रक्षा माता की जय का उद्घोष करते हुए ग्रामीणों को संकल्प दिलाया कि प्रत्येक वर्ष माघ शुक्ल पक्ष की अष्टमी से दशमी तक माता की वैष्णवी पूजा की जाएगी। प्रतिवर्ष पूजा एवं मेले का आयोजन होता आ रहा है।


