सरिस्का में 2 फरवरी को बाघिन ST-28 की मौत की वजह सरकार ने भी दो बाघिनों के बीच आपसी लड़ाई को माना है। एक दिन पहले वन अधिकारियों ने भी यही कहा था कि बाघिन ST 28 की बाघिन ST 14 से फाइट हुई है। इससे उसकी मौत हो गई। जो बाघिन एसटी 14 की ही बेटी थी। बाघिन एसटी 28 की उम्र केवल 5 साल थी। वहीं, एसटी 14 करीब 11 साल से अधिक उम्र की है। लेकिन ये सही है कि ये दोनों बाघिन एसटी 28 की मां बाघिन एसटी 14 है। विधानसभा में वन राज्य मंत्री ने दिया जवाब दो के बीच फाइट विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने वन मंत्री से पूछा- सरिस्का में बाघिन की मौत के मामले की जांच करा रहे हैं या नहीं। इस पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि दो बाघिनों के बीच फाइट हुई। इसमें बाघिन की मौत हो गई। एनटीसीएम की गाइडलाइन के अनुसार पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व वन मंत्री के बीच विधानसभा में हुई बातचीत… टीकाराम जूली- सरिस्का में टाइग्रेस की मौत के मामले की जांच होगी या नहीं? संजय शर्मा – बाघिन की मौत के मामले में साफ है कि दो बाघिनों की फाइट में मौत हुई है। एनटीसीए के नियम के अनुसार पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया गया है। टीकाराम जूली- सरिस्का के जंगल में सीटीएच का निर्धारण किस आधार पर किया गया? संजय शर्मा -सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार कमेटी का गठन किया गया था। जिसकी रिपोर्ट के अनुसार सीटीएच का निर्धारण किया गया। टीकाराम जूली- अलवर में सीटीएच बदल दिया तो करौली में भी बदलोगे क्या? संजय शर्मा -करौली धौलपुर में सीटीएच का निर्धारण किया जा चुका है। टीकाराम जूली-सीटीएच बदलाव करने के नियम क्या हैं? संजय शर्मा -सीटीएच के बदलाव के नियम सदन की पटल पर रख दिए जाएंगे। वन विभाग को गश्त से पता चला, बाघिन एसटी 14 से फाइट सीसीएफ संग्राम सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह गश्त के दौरान रिजर्व स्टाफ को डाबली एनिकट के पास एक नाले में ST 28 का शव मिला था। इसके बाद शव को कलाकड़ी वन चौकी लाया गया, जहां डॉक्टर की टीम ने पोस्टमार्टम किया और अंतिम संस्कार किया गया। बाघिन एसटी-28 सुकोला और आसपास के इलाकों में विचरण करती थी। सरिस्का टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संग्राम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला टेरिटोरियल फाइट का प्रतीत होता है। इस क्षेत्र में सक्रिय बाघिन एसटी-14 से इसकी फाइट की संभावना है। मृत बाघिन के बाघिन एसटी-17 के एरिया में मूवमेंट करती थी, ऐसे में उससे फाइट होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 5 साल की थी बाघिन ST-28 बाघिन ST-28 की उम्र करीब 5 साल थी। इसने अभी तक कोई शावक नहीं जन्मा था। ये ST-14 की बेटी थी। बाघिन ST-17, बाघ ST-18, बाघिन ST-26, बाघिन ST-27 भी ST-14 के बच्चे हैं। सरिस्का के जंगल में टाइग्रेस की संख्या घटी अलवर के सरिस्का के जंगल में कुल 50 टाइगर, टाइग्रेस और शावक थे, जिसमें 11 नर बाघ, 18 बाघिन और 21 शावक है। अकबरपुर रेंज में टाइग्रेस का शव मिलने के बाद ये संख्या 49 रह गई है। ये भी पढ़ें… सरिस्का के जंगल में बाघ से भिड़ी बाघिन, मौत:5 साल की टाइग्रेस के शरीर पर मिले बड़े घाव; टेरिटरी को लेकर भिड़े दोनों सरिस्का के जंगल में टेरिटरी को लेकर बाघ-बाघिन में लड़ाई हो गई। इसमें बाघिन ST-28 की मौत हो गई। बाघिन का 24 घंटे पुराना शव सोमवार को ग्रामीणों ने देखा तो सूचना दी। इसके बाद वन विभाग और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। (पूरी खबर पढ़ें)


