माइंस मालिक ने धौलपुर के 6 पुलिसकर्मियों समेत 10 के खिलाफ अपने कर्मचारियों से मारपीट और बेवजह थाने में बैठाए रखने का मामला दर्ज करवाया है। इसमें आरोप लगाया है कि माइंस मालिक का पार्टनर जब मामला दर्ज करवाने थाने पहुंचा तो पुलिस ने रिपोर्ट ही नहीं ली। इसके बाद मजबूरी में उन्हें कोर्ट के जरिए FIR दर्ज करवानी पड़ी। मामले में धौलपुर SP ने एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। इसी कॉन्स्टेबल ने सूचना पर पुलिस ने माइनिंग एरिया में अवैध हथियार रखने के मामले में दबिश दी थी। इस दौरान माइनिंग एरिया से 2 कर्मचारियों पुलिस अपने साथ ले गई थी और अवैध हथियार नहीं मिलने के बाद दोनों को छोड़ दिया था। मामला भरतपुर के रुदावल थाना इलाके का है। पढ़िए क्या है पूरा मामला ओम माइंस के मालिक हरवीर सिंह ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसमें धौलपुर सदर थाना SHO महेश मीणा, धौलपुर DST इंचार्ज दीनदयाल, अशोक मीणा कॉन्स्टेबल, राम चंद्र मीणा कॉन्स्टेबल, कोमल बघेल कॉन्स्टेबल, नरेंद्र कॉन्स्टेबल पर आरोप लगाया है। वहीं इनके साथ आए रामलखन, भारत, जजवीर और अनिल का नाम भी लिखवाया है। हाइड्रा-LNT ऑपरेटर को साथ ले गए थे रिपोर्ट में हरवीर सिंह ने बताया- भरतपुर के रुदावल इलाके में सिर्रोध में हमारी लीज है। लीज में चार पार्टनर हैं। लीज में से पत्थर निकालने का काम किया जाता है। 23 नवंबर 2025 को रात 11 बजे मेरी लीज पर 15 से 20 लोग आए। जिनके हाथों में बंदूक डंडे थे। उस समय मेरी लीज पर मजदूर सो रहे थे। आते ही लोगों ने मेरी लीज के मजदूरों से मारपीट करना शुरू कर दिया और मेरी लीज से हाइड्रा के ऑपरेटर धारा सिंह और LNT ऑपरेटर कल्लू को अपने साथ ले गए। इस दौरान हमलावरों ने मजदूरों से लूटपाट भी की। रिपोर्ट में हरवीर ने बताया- कंट्रोल रूम पर फोन करने के बाद रात करीब 3 बजे रुदावल पुलिस लीज पर पहुंची। तब पुलिस ने लीज पर मौजूद मजदूरों को बताया कि धारा सिंह और कल्लू को धौलपुर DST और धौलपुर सदर थाना पुलिस अपने साथ ले गई है। घटना का पता लगने के बाद 24 नवंबर को सुबह मैं भी अपनी लीज पर पहुंचा। माइंस में आए लोगों के पास बंदूकें थी रिपोर्ट में हरवीर ने बताया- मजदूरों ने मुझे बताया की हमलावरों में रामलखन निवासी मठोना थाना बाड़ी सदर, भारत, जजवीर निवासी अतरजपुरा थाना कंचनपुर जिला धौलपुर, अनिल निवासी बैसोरा थाना गढ़ी बाजना मौजूद थे। साथ ही इनके साथ कुछ ऐसे लोग थे। जिनके पास बंदूक थी। वह खुद को पुलिस में होना बता रहे थे। रुदावल थाने ने नहीं ली शिकायत रिपोर्ट में हरवीर ने बताया- इसके बाद मैंने ने अपने लीज पार्टनर रामरूप को तुरंत धौलपुर के सदर थाने में भेजा। तब सदर थाना SHO महेश मीणा ने रामरूप को बताया कि धारा सिंह और कल्लू के खिलाफ हमारे यहां कोई मुकदमा नहीं है। इसलिए आप इन्हें ले जाइए। DST की टीम देर रात को दोनों को थाने छोड़कर गई थी। इसलिए उन्हें थाने में बैठा कर रख लिया। जिसके बाद मैंने 26 नवंबर को भरतपुर के रुदावल थाने पर घटना की शिकायत दी लेकिन, शिकायत दर्ज नहीं की गई। SHO पर आरोप रिपोर्ट में हरवीर ने बताया- इसके बाद 1 दिसंबर को कोर्ट से FIR दर्ज करवाई। हरवीर ने बताया कि धौलपुर DST के साथ रुदावल थाना SHO नरेश शर्मा और कॉन्स्टेबल छत्रपाल भी आए दिन लीज वालों को परेशान करते हैं। छत्रपाल लीज चलाने के एवज में पैसे लेता है। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के हमारे पास पूरे सबूत हैं। धौलपुर पुलिस बोलकर मारपीट की हाइड्रा के ऑपरेटर धारा सिंह ने बताया- 23 नवंबर 2025 को हमारी लीज पर पुलिस आई। आते ही पुलिसकर्मियों ने मारपीट करना शुरू कर दिया। जब मारपीट करने वाले लोगों से पूछा तो, उन्होंने बताया कि हम धौलपुर पुलिस हैं। हमलावर लीज पर लूटपाट कर मुझे लीज से ले गए। जिसके बाद लीज के मालिक राम रूप मुझे धौलपुर के सदर थाने से लेकर आए। धौलपुर से आने के बाद मैं रुदावल थाने पहुंचा। वहां पर SHO से कहा कि मेरे साथ धौलपुर पुलिस ने बेवजह मारपीट की है। तो, SHO नरेश शर्मा ने कहा कि अगर तुम FIR करोगे तो, तुम्हें ही नुकसान होगा। रुदावल SHO ने मेरी शिकायत ले ली लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की। एक कॉन्स्टेबल सस्पेंड धौलपुर एसपी विकास सागवान ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है। कॉन्स्टेबल अशोक मीणा की सूचना पर धौलपुर पुलिस ने रुदावल में दबिश दी थी। टीम को कोई अवैध हथियार की सूचना मिली थी। पूछताछ में दोनों लोगों का कोई इन्वॉल्वमेंट नहीं पाया गया। जिसके बाद करीब 10 दिन पहले कॉन्स्टेबल अशोक मीणा को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच धौलपुर हेडक्वार्टर एडिशनल एसपी कर रहे हैं। मामले की जांच करने के बाद ही अशोक मीणा के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


