माइक्रोसॉफ्ट भारत में ₹1.6 लाख करोड़ निवेश करेगी:AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा; CEO सत्य नडेला ने PM मोदी से मुलाकात के बाद ऐलान किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव के बावजूद माइक्रोसॉफ्ट भारत में 17.5 अरब डॉलर (करीब ₹1.57 लाख करोड़) निवेश करने जा रही है। अमेरिकी टेक कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। फंड का इस्तेमाल AI, क्लाउड और डेटा सेंटर जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। कंपनी के CEO सत्य नडेला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद मंगलवार, 9 दिसंबर को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि AI के क्षेत्र में भारत में काफी मौका है। इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्किल्स और केपिसिटी बनाने की जरूरत है। मोदी से हुई बात को नडेला ने ‘इंस्पायरिंग’ बताया नडेला ने अपने X हैंडल पर लिखा, भारत के सपने को सपोर्ट करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ₹1.57 लाख करोड़ लगा रही है। ये एशिया में हमारा अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। इससे भारत में AI के लिए मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर बनेगा, लाखों लोगों को नई स्किल्स सिखाई जाएंगी और अपना डेटा अपने पास सुरक्षित रखने की ताकत भी मिलेगी। बस यही चाहिए था भारत के AI वाले भविष्य के लिए। नडेला के पोस्ट के रिप्लाई में PM मोदी ने लिखा, जब भी AI की बात आती है तो पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद से देखती है। सत्या नडेला जी से पॉजिटिव बातचीत हुई।खुशी हुई कि माइक्रोसॉफ्ट अपना एशिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश भारत में ही करने जा रही है। भारत का युवा इस मौके को हाथ से जाने नहीं देगा। नई-नई चीजें बनाएगा और AI की ताकत से पूरी दुनिया को और बेहतर बनाएगा। लोकल टैलेंट को ज्यादा मौका और नौकरी मिलेगी माइक्रोसॉफ्ट भारत में बीते कई सालों से काम कर रही है। कंपनी के पास यहां पहले से ही पुणे, मुंबई और चेन्नई में डेटा सेंटर हैं। इस नए निवेश से इनको और बढ़ाया जाएगा। भारत दुनिया का सबसे तेज बढ़ता डिजिटल इकोनॉमी है, जहां टेक यूजर्स की संख्या 100 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम लोकल टैलेंट को बूस्ट देगा और जॉब्स क्रिएट करेगा। इस निवेश से भारत की GDP को मजबूती मिलेगी। AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर स्ट्रॉन्ग होने से स्टार्टअप्स, बिजनेस और गवर्नमेंट सर्विसेज में तेजी आएगी। हेल्थकेयर, एजुकेशन और एग्रीकल्चर में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा। ट्रम्प ने एपल पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी ट्रम्प ने भारत में निवेश करने से अमेरिकी कंपनियों पर लगातार दबाव बना रहे हैं। इससे पहले उन्होंने एपल को भी भारत में निवेश करने से मना किया था। इसके बावजूद कंपनी ने भारत में निवेश किया। ——————— ये खबर भी पढ़ें… ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को IMF से दूसरा लोन: संकट से उबरने के लिए ₹11,000 करोड़ दिए; इकोनॉमी की तारीफ भी की इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने पाकिस्तान को आर्थिक संकट से उबरने के लिए 1.2 बिलियन डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रुपए) के फंड को मंजूरी दी है। इसमें 1 बिलियन डॉलर का लोन और क्लाइमेट प्रोग्राम के तहत 200 मिलियन डॉलर की सहायता शामिल है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…

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