माइक्रो प्लानिंग कर घोषणाओं को समय पर पूरा करें:निदेशक अग्रवाल बोले-निराश्रितों और वृद्धजनों का करें पुनर्वास

राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट शासन सचिव बचनेश अग्रवाल ने कहा कि बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी नहीं बर्दाश्त की जाएगी। प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारने की है। उन्होंने कहा कि अधिकारी गण माइक्रो प्लानिंग कर घोषणाओं को मूर्त रूप देने में जुट जाएं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के निर्देश पर बुधवार को विभाग के मुख्यालय ‘अम्बेडकर भवन’ स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल से जिला स्तरीय अधिकारियों से वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए बैठक ली और आवश्यक दिशा—निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और संचालन के लिए अधिकारियों की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा घोषणाओं की उच्च स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है, ऐसे में अधिकारी गण किसी भी स्तर पर कोर—कसर नहीं छोडें। अग्रवाल ने कहा किया बजट 2025-26 घोषणाओं की क्रियान्वित से पूर्व पिछले वर्ष की जो भी बजट घोषणाएं अपूर्ण हैं, उन्हें सबसे पहले पूरी करने पर जोर दें। उन्होंने बजट 2025-26 की घोषणाओं के अनुसार और आवश्यकता के अनुरूप भूमि चिन्हीकरण एवं आवंटन से जुड़ी गतिविधियों को तय समयावधि में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा बैठक के दौरान बाबा साहेब अंबेडकर आदर्श ग्राम योजना, स्वयं सिद्धा आश्रम, देवनारायण आवासीय योजना, कामकाजी महिला आवास योजना, बेघर वृद्धजन एवं असहाय निराश्रित व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु स्थापित किया जा रहे स्वयं सिद्ध आश्रमों, विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतु समुदायों के सशक्तिकरण एवं उत्थान की दृष्टि से दादू दयाल घुमंतू सशक्तिकरण योजना प्रारंभ करने, प्रदेश के एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, सफाई कर्मचारी, दिव्यांगजन आदि को आर्थिक संबल प्रदान करने की दृष्टि से अनुजा, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक निगमों द्वारा दिए गए ऋणों के क्रम में वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाने विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना’ से जुड़े आवेदनों की जांच और सत्यापन कार्य आगामी 3 दिवसों में पूर्ण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सत्यापन से शेष मामलों में अधिकारियों को शत—प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्राम पंचायत स्तर पर नवाचार करते हुए ओटीपी और एप के जरिए वेरिफिकेशन करवाएं।

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