अरावली पर्वतमाला को बचाने और उसकी सुरक्षा को लेकर 1000 किलोमीटर लंबी ‘अरावली आंदोलन’ जनयात्रा बुधवार को शुरू हुई।
सिरोही जिले के माउंट आबू में इन जनयात्रा का आगाज हुआ। अर्बुदा देवी मंदिर से यह यात्रा शुरू हुई। इस यात्रा का उद्देश्य अरावली को बचाने और जन जागरूकता फैलाना है। इस यात्रा का नेतृत्व राजस्थान यूनिवर्सिटी जयपुर के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी कर रहे हैं। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे भविष्य को बचाने के लिए इस आंदोलन से जुड़ें। चौधरी ने कहा— यह लड़ाई सिर्फ पहाड़ों की नहीं, बल्कि जीवन की है। मां अर्बुदा देवी के दर्शन के साथ अभियान का आगाज
अभियान की शुरुआत निर्मल चौधरी ने मां अर्बुदा देवी के दर्शन के साथ की। वे सुबह 11:40 बजे मंदिर पहुंचे और दर्शन के बाद बाहर निकले, जहां उन्होंने सिरोही-शिवगंज के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा से बातचीत की।
इसके बाद चौधरी पैदल ही नक्की झील की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस दौरान ‘निर्मल जी आगे बढ़ो, हम तुम्हारे साथ हैं’ के नारे भी लगाए गए। महिलाओं ने कलश यात्रा भी निकाली
पैदल यात्रा मां अर्बुदा देवी मंदिर से नक्की लेक तक पहुंची। यहां कलश लिए हुए महिलाओं ने अपने कलश का जल नक्की लेक में प्रवाहित किया। इसके बाद यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए शहर की ओर बढ़ी। देखिए ‘अरावली आंदोलन’ जनयात्रा की झलकियां…


