भास्कर न्यूज | धमतरी कंडेल में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि धर्म जागरण के अखिल भारतीय सह संयोजक अरूणकांत थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी पं. राजेश शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि भारत के समाने आज आतंकवाद, माओवाद और धर्मांतरण सबसे बड़ा संकट है। आतंकवाद, माओवाद हथियार से हमला करते हैं, जबकि धर्मांतरण देश की आस्था का स्थानांतरण कर देता है। उन्होंने कहा कि सोचिए जो पहले सनातनी होकर अयोध्या या रामेश्वरम में आस्था रखता था, वही मन, वही मनुष्य, वही मस्तिष्क धर्मांतरण के बाद अरब या वेटिकन का आराध्य बन जाता है। धर्मांतरण दूसरे अर्थों में आस्था का निर्यात भी है। आस्था का अपहरण भी है, जो अरब या वेटिकन में आस्था रखेगा, वह उनके लिए वफादार होगा न कि भारत और सनातन के लिए वफादार होगा, इस कारण आतंकवाद और माओवाद के बराबर धर्मांतरण से भी देश को खतरा है। पं. राजेश शर्मा ने कहा कि भारत में हिंदुओं की चेतना और जागरूकता पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है। चाहे अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो या सोमनाथ पर हुए हमले के हजार वर्षों को याद करना, ये पहले इस स्तर पर शायद ही देखी गई थीं। इसके बावजूद, इस दशक में सामने आए नए संकटों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं स्पष्ट करती हैं कि हिंदुत्व के विरोधियों की मानसिकता कैसी है।


