पंजाब में अपनी मांगों को लेकर मुखर किसान संगठनों ने अब मंत्रियों और विधायकों के आवासों का घेराव शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मानसा में भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने सरदूलगढ़ से विधायक गुरप्रीत सिंह बनावली के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा। विरोध का मुख्य उद्देश्य बिजली संशोधन अधिनियम 2020 और मनरेगा योजना में किए गए बदलावों के खिलाफ आवाज उठाना था। किसान नेताओं का तर्क है कि इन बदलावों के कारण किसानों और मजदूरों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। यूनियन की मांग है कि इस नीतिगत फेरबदल से प्रभावित हुए वर्ग को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को अनसुना किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अमेरिका की ट्रेड डील की चर्चा की मांग किसान नेता जनरैल सिंह और जगदेव सिंह ने भारत-अमेरिका टैरिफ डील पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के समय कृषि उत्पादों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों पर जो टैरिफ 50% लगाया गया था, उसे अब घटाकर 18% कर दिया गया है। मांग की है कि सरकार इस समझौते पर पुनर्विचार करे, क्योंकि इसका सीधा असर देश की आर्थिक नीतियों और कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह किसानों को सशक्त बनाने वाले कदम उठाए। आंदोलन तेज करने की चेतावनी यूनियन ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि टैरिफ डील जैसे गंभीर मुद्दों पर दोबारा चर्चा नहीं की गई, तो देश भर के किसान केंद्र के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे। विधायक के घर के बाहर डटे किसानों ने साफ किया कि वे अपनी मांगों के समाधान तक पीछे हटने वाले नहीं हैं। फिलहाल, भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच यह धरना प्रदर्शन जारी है और किसान संगठनों की ओर से प्रशासन को अपनी मांगों का मांग-पत्र भी सौंपा गया है।


