मानसा में वकीलों ने लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली के विरोध में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मानसा, बुढलाडा, सरदूलगढ़ और बरेटा से जुड़े वकीलों ने काली पट्टियां बांधकर शहर में रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी वकीलों ने सरकार से LADC व्यवस्था वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पूरे पंजाब में वकीलों की ओर से लीगल एड डिफेंस काउंसिल प्रणाली का विरोध किया जा रहा है। मानसा में 7 जुलाई से भूख हड़ताल पर बैठे वकीलों ने आज जिला बार एसोसिएशन से बस स्टैंड तक रोष मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और LADC व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई। अपराध करने वाले को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध वकीलों ने बताया कि उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा है। उनके अनुसार, सरकार अपराध करने वाले लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करा रही है, यहां तक कि जेलों में भी उन्हें मुफ्त वकील दिए जा रहे हैं। व्यवस्था से अपराध को बढ़ावा मिल रहा वकीलों का आरोप है कि इस व्यवस्था से अपराध को बढ़ावा मिल रहा है और उनके कामकाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार अपराध रोकने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों को मुफ्त कानूनी सहायता देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है। विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए ये लोग इस विरोध प्रदर्शन में वकील गुरदास सिंह मान (प्रधान), बलवीर कौर, भुपिंदर सिंह, बलवंत सिंह भाटिया और रघवीर सिंह शामिल थे। उन्होंने दोहराया कि यदि पंजाब सरकार आने वाले दिनों में LADC व्यवस्था वापस नहीं लेती है, तो वे सरकार के खिलाफ अपने संघर्ष को और अधिक तेज करेंगे।


