मानसून की विदाई होने के साथ मच्छरों का डंक कहर ढाने लगा है। डेंगू मलेरिया और स्क्रब टाइफस भड़कने से केंद्र सरकार तक चिंतित है। राजस्थान में डेंगू एकाएक 40 जिलों में फैल चुका है। 37 जिले मलेरिया की जद में आ चुके हैं। इतना ही नहीं चिकनगुनिया ने भी सिर उठा लिया है। इस समय प्रदेश में डेंगू के पाजीटिव रोगी 1345 हो चुके हैं। मलेरिया के 864 और चिकनगुनिया के 232 भर्ती हैं। इसके अलावा आउटडोर में दिखाने के बाद दवा के सहारे घर से उपचार वाले रोगी 50 हजार से अधिक का अनुमान है। डेंगू की जद में सबसे प्रभावित जिले जयपुर, कोटा और अजमेर हैं। मलेरिया का भारी प्रकोप बाड़मेर, जैसलमेर और उदयपुर जिले झेल रहे हैं। चिकनगुनिया जयपुर, कोटपूतली और कोटा में बढ़ने लगा है। अकेले जयपुर में स्क्रब टाइफस ने कहर बरपा दिया और एसएमएस अस्पताल में अलग ओपीडी शुरू करनी पड़ी। एक माह में 247 मामले सामने आए। डेंगू, मलेरिया, स्क्रब टाइफस और चिकनगुनिया के प्रदेश में 2688 रोगी मिल चुके। स्वास्थ्य विभाग का हाल यह है कि टीबी को लेकर 93 लाख लोगों की स्क्रीनिंग के दावे किए जा रहे हैं लेकिन 40 जिलों को जद में लेने वाले डेंगू मलेरिया को लेकर जुलाई के बाद स्टेट स्तर की बैठक ही नहीं हुई। कुछ जिलों में लाखों श्रद्धालुओं के मेले भरे जाने के बावजूद रोग नियंत्रण उपाय नहीं के बराबर हैं। बकौल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री 22 जुलाई को प्रदेश मे वर्षाजनित बीमारियों की सघन मानिटरिंग के निर्देश दिए थे। 115 से बढ़कर 1345 हुए डेंगू के मरीज प्रदेश में मात्र एक माह से भी कम समय में डेंगू के रोगी 13 गुणा से अधिक बढ़ चुके हैं। 8 अगस्त को प्रदेश में पिछले 20 दिन में 115 मरीज सामने आए थे। अब 1345 हो गए हैं। मलेरिया के जैसलमेर बाड़़मेर में 54 थे जो अब बढ़कर करीब 400 पहुंच चुके हैं और पूरे प्रदेश में अगस्त में मलेरिया के 121 केस थे जो अब बढ़कर 864 हो गए हैं। देश में सबसे अधिक डेंगू वाला प्रदेश राजस्थान पूरे देश में इस समय डेंगू के 12043 मरीज हैं। इनमें से 1345 अकेले राजस्थान में हैं। राजस्थान डेंगू के लिहाज से देश का सबसे अधिक मरीज वाला प्रदेश हैं। देश में डेंगू से 6 मौतें हो चुकी हैं। लेकिन प्रदेश में अभी तक डेंगू मलेरिया जानलेवा नहीं बना है। मच्छर जनित रोगों से किसी की मौत नहीं हुई है।


