बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, वायरल बुखार और फ्लू जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग का मास मीडिया विंग जागरूकता अभियान चला रहा है। सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप ने बताया कि मानसून के दौरान वातावरण में बढ़ी नमी से मच्छरों के पनपने और पानी जनित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों के कूलर, फ्रिज की ट्रे, ड्रम और गमलों में पानी जमा न होने दें। बरसात का पानी तुरंत निकालें और आसपास सफाई रखें। डॉ. रमनदीप ने कहा कि टाइफाइड, हैजा, डायरिया और हेपेटाइटिस से बचाव के लिए पानी उबालकर या फिल्टर कर पिएं और स्टोर किया गया पानी ढककर रखें। दस्त लगने पर शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए ओआरएस का घोल लें। बुखार आने पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा लें। स्वास्थ्य विभाग के मास मीडिया विंग ने सरकारी कन्या हाई स्कूल, लकड़ बाजार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान जिला मास मीडिया व सूचना अधिकारी परमिंदर सिंह और जिला बीसीसी कोऑर्डिनेटर बरजिंदर सिंह बराड़ ने छात्राओं को मानसून में होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने मच्छरों के काटने से बचने के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनने और घर के आसपास गंदगी न फैलाने की सलाह दी। स्कूल की हेडमिस्ट्रेस मोनिका शर्मा और अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और बरसाती बीमारियों से बचाने के लिए जिलेभर में अभियान जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने साफ पानी का सेवन और मच्छरजनित रोगों के लिए एहतियात बरतने की अपील की।


