मायावती को धमकाने पर राहुल गांधी- उदित राज को नोटिस:बदायूं कोर्ट में तलब; पूर्व सांसद ने कहा था- गला घोंटने का वक्त आया

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. उदित राज के खिलाफ गुरुवार को बदायूं कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। उदित राज ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। ADJ और पॉक्सो एक्ट के स्पेशल जज पूनम सिंघल ने दोनों नेताओं को यह नोटिस भेजा है। 29 जनवरी को अपना पक्ष रखने को कहा गया है। 3 मार्च, 2025 को बदायूं के रहने वाले वकील और बसपा नेता जय सिंह सागर ने कोर्ट में शिकायत की थी। आरोप लगाए थे कि उदित राज ने राहुल गांधी के कहने पर ही मायावती के खिलाफ बयान दिया था। कहा था कि मायावती का गला घोंटने का वक्त आ गया है। मायावती की छवि को खराब करने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ नफरत फैलाई और समर्थकों को उकसाया। राहुल और उदित राज की बयानबाजी से मायावती के समर्थकों की भावनाएं आहत हुईं। समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। टिप्पणी को मानहानिकारक, भड़काऊ और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाला बताया। उदित राज का वो बयान पढ़िए, जिस पर विवाद कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने 16 फरवरी को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उदित राज ने महाभारत के एक प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा था- अर्जुन ने पूछा कि अपने सगे-संबंधियों को कैसे मारेंगे? तो कृष्ण ने कृष्ण ने कहा की कोई सगा-संबंधी नहीं है, न्याय के लिए लड़ो और मार दो, अपने लोगों को ही मार दो। तो आज फिर हमारे कृष्ण ने मुझे कह दिया है कि जो अपना दुश्मन है, जो अपना दुश्मन है, जो सामाजिक न्याय का दुश्मन है उसे सबसे पहले मार दो। मैंने प्रेस रिलीज में लिख दिया है वह सिर्फ मायावती हैं, जिन्होंने सामाजिक आंदोलन का गला घोंटा, अब उनका गला घोंटने का समय आ गया है। राहुल ने कहा था- मायावती साथ नहीं लड़ीं, मुझे दुख हुआ
उदित राज की बयानबाजी के दो दिन बाद 20 फरवरी, 2025 को राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे थे। राहुल ने दलितों से संवाद किया। कांग्रेस नेता ने कहा था- अगर मायावती हमारे साथ आती तो भाजपा हार जाती। बहनजी आजकल ठीक से चुनाव क्यों नहीं लड़ रही हैं? हम चाहते थे कि बहनजी भाजपा के विरोध में हमारे साथ लड़ें। मगर मायावती किसी न किसी कारण नहीं लड़ीं तो हमें तो काफी दुख लगा। क्योंकि अगर तीनों पार्टियां एक हो जातीं तो भाजपा कभी जीत नहीं पाती। मायावती ने उदित राज को दिया था जवाब
बसपा सुप्रीमो मायावती ने उदित राज का नाम लिए बगैर उन पर पलटवार किया था। कहा था- कुछ दलबदलू अवसरवादी व स्वार्थी दलित लोग अपने आकाओं को खुश करने के लिए जो अनर्गल बयानबाजी आदि करते रहते हैं। उनसे भी बहुजन समाज को सावधान रहने व उन्हें गंभीरता से नहीं लेने की जरूरत है, क्योंकि वे ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ मूवमेन्ट से अनभिज्ञ व अपरिचित हैं। आकाश आनंद ने उदित राज की गिरफ्तारी की मांग की थी
बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने कहा था- एक पूर्व सांसद की तरफ से मायावती के संबंध में ‘गला घोंटने’ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी करना निंदनीय और अस्वीकार्य है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। कांशीराम के कुछ पुराने सहयोगी और कभी भाजपा, कभी कांग्रेसी चमचे उदितराज ने आंबेडकर के मिशन पर लंबा चौड़ा ज्ञान दिया है, जबकि उदितराज अपने स्वार्थ के लिए दूसरे दलों में मौका तलाशने के लिए कुख्यात हैं। उसे बहुजन मूवमेंट की चिंता सिर्फ इसलिए है, जिससे वो किसी दल की चमचागिरी करके सांसद या विधायक बन सकें। इसका बहुजन समाज के उत्थान से कोई लेना देना नहीं है। आकाश आनंद ने लिखा कि मैं बहुजन मिशन का युवा सिपाही हूं, लेकिन बाबा साहेब और कांशीराम के मिशन को इससे ज़्यादा समझता हूं। आकाश आनंद ने यूपी पुलिस से 24 घंटे के अंदर उदित राज को गिरफ्तार करने की मांग की थी। चंद्रशेखर ने बयान को बताया था गलत
नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने उदित राज की टिप्पणी को लेकर एक्स पर पोस्ट किया था। लिखा था- राजनीति में सहमति-असहमति और आरोप-प्रत्यारोप स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता के प्रति इस प्रकार की भाषा का प्रयोग किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। उदित राज ने अपने बयान पर दी थी सफाई
जब मामले ने तूल पकड़ा तो उदित राज ने 17 फरवरी को सफाई दी थी। X पर लिखा था- सबसे पहले मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि मेरे बयान को कांग्रेस से न जोड़ा जाए। 16 फरवरी को लखनऊ के सहकारिता भवन में प्रथम दलित, ओबीसी, माइनॉरिटीज और आदिवासी परिसंघ का सम्मेलन हुआ था और जिसकी अध्यक्षता जस्टिस सभाजीत यादव ने की। मैं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित था। सम्मेलन के बाद कल प्रेस वार्ता की जिसके कारण गला घोटने की बात का विवाद पैदा हुआ। जस्टिस सभाजीत यादव भी वार्ता में थे। मायावती ने चार दशक से झूठ, दुष्प्रचार और कांग्रेस को दलित विरोधी बताकर लोगों को भ्रमित किया। डॉ आंबेडकर को ढाल बनाकर कांग्रेस का गला काटा और सत्ता का सुख लूटा। करोड़ों बहुजन कार्यकर्ता भूखे, प्यासे होकर आंदोलन को सृजित किए। इनके चंदे, परिश्रम और बलिदान का गला घोंटा। बीएसपी ने कभी RSS के खिलाफ मोर्चा नहीं खोला। आज भी कुछ न कुछ कारण और बहाना बनाकर कांग्रेस को ही निशाना बनाती रहती हैं, जिससे दलित न जुड़ें। पूरे बहुजन आंदोलन का गला काटने वाले को घर बैठाने का समय आ गया। कांग्रेस की उदारता रही कि 4 दशक से आंबेडकर और दलित विरोधी आरोप पर आरोप बीएसपी लगाती रहीं और खुद खत्म होती रही और बचाव भी नहीं किया गया। —————– ये खबर भी पढ़ें बर्थडे पर बृजभूषण 100 गाड़ियों के काफिले से निकले:राष्ट्रकथा के मंच से बोले- भगवान भी आएं तो रोक दो बाहुबली बृजभूषण सिंह अपने 69वें बर्थडे पर शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं। 100 गाड़ियों के काफिले के साथ गोंडा के नंदिनी निकेतन पहुंचे। बृजभूषण खुली कार में हाथ हिलाते हुए आगे बढ़े। 10 किमी की दूरी में जगह-जगह उनका स्वागत हुआ। बुलडोजर से फूल बरसाए गए। पूरी खबर पढ़ें

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *