हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने हिदायतुल्लाह अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता (HIMCC 2026) के आयोजन की घोषणा कर दी है। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता विश्वविद्यालय परिसर नवा रायपुर में मार्च में आयोजित होगी। यह आयोजन भारत के महान न्यायविद्, पूर्व मुख्य न्यायाधीश और पूर्व उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्लाह की विधिक विरासत को समर्पित है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विधि के विद्यार्थियों के लिए उभरता प्रमुख मंच है। यहां प्रतिभागी जटिल वैश्विक कानूनी मुद्दों पर आधारित सिम्युलेटेड न्यायिक प्रक्रिया में अपनी वकालती क्षमता और शोध कौशल का प्रदर्शन करते हैं। देश-विदेश के विधि विश्वविद्यालय होंगे शामिल प्रतियोगिता के तीसरे संस्करण में भारत और विदेश के प्रमुख लॉ यूनिवर्सिटीज हिस्सा लेंगी। मूल्यांकन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज, वरिष्ठ अधिवक्ता, शीर्ष विधि फर्मों के पार्टनर और विषय विशेषज्ञ करेंगे। फिजिकल मोड में होगा आयोजन मूट समस्या: क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट जस्टिस पर फोकस HIMCC 2026 की मूट समस्या क्लीन एनर्जी, एनवायरमेंट सस्टनेबिलिटी और क्लाइमेट चेंज पर बेस होगी। यह विषय विश्वविद्यालय की सामाजिक उत्तरदायित्व और वैश्विक कानून-नीति को समझने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। संचालन की जिम्मेदारी मूट कोर्ट समिति को प्रतिभागियों के लिए नगद पुरस्कार एचएनएलयू ने फिर मजबूत की अपनी पहचान इस आयोजन के साथ एचएनएलयू ने एक बार फिर खुद को कानूनी शोध, मूट कल्चर और एडवांस्ड लॉ एजुकेशन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य भावी वकीलों, शोधकर्ताओं और नीति-निर्माताओं को वैश्विक न्याय व्यवस्था में सार्थक योगदान के लिए प्रेरित करना है। मूट समस्या (Moot Problem) एक प्रकार का काल्पनिक कानूनी मामला (फर्जी/सिम्युलेटेड केस) होता है, जिसे मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाता है। इसे इस तरह बनाया जाता है कि छात्र न्यायालय जैसी स्थिति में वकील बनकर तर्क रखें। आसान भाषा में समझें—मूट समस्या क्या होती है? मूट समस्या क्यों बनाई जाती है? ताकि लॉ के छात्र:


