जामताड़ा के नाला प्रखंड में स्थित धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल मालंचा पहाड़ पर इको टूरिज्म का विकास किया जाएगा। वन विभाग की उच्चस्तरीय टीम ने नेचर पार्क, पादप उद्यान निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) सतीश चंद्र राय के नेतृत्व में टीम ने स्थल का दौरा किया। टीम में मुख्य वन संरक्षक एके गुप्ता और जामताड़ा, पाकुड़, दुमका एवं देवघर के डीएफओ शामिल थे। अधिकारियों ने निर्माणाधीन बगीचा, पौधों की स्थिति और आवागमण मार्ग का जायजा लिया। साथ ही पानी टंकी और पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। नाला रेंजर मृत्युंजय कुमार और संवेदक से निर्माण कार्य की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। कार्यों को चिह्नित कर जोड़ा जा रहा है आरसीसीएफ राय ने बताया कि यह स्थल जल्द ही एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनेगा। डीपीआर में छूटे हुए कार्यों को चिह्नित कर जोड़ा जा रहा है। पर्यटकों के लिए दिनभर आनंद से समय बिताने की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पार्क में वन्य जीवों के चित्र लगाए जाएंगे। इससे बच्चों को पेड़-पौधों और वन्यप्राणियों की जानकारी मिल सकेगी। भविष्य में यहां जिम और सूर्य नमस्कार की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह परियोजना पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वस्थ रखने में मददगार साबित होगी।


