मालेरकोटला में ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का व्यापक असर देखा गया। बरनाला में हाल ही में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों और कच्चे कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में यह बंद बुलाया गया था। शहर के मुख्य बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों ने सफाई कर्मचारियों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर काउंसिल मालेरकोटला के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार बग्गन ने सरकार के रवैये पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगें उठा रहे मजदूरों पर लाठीचार्ज करना शर्मनाक है। बग्गन ने ठेकेदारी प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने और उनके वेतन में वृद्धि करने की मांग की। दीपक कुमार बग्गन ने चेतावनी दी कि वेतन में मामूली बढ़ोतरी करके संघर्ष को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में जनता इसका करारा जवाब देगी। सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं अन्य नेताओं ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि डी.सी. रेट से भी कम वेतन पर गुजारा करने वाले सफाई कर्मचारियों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एस.सी. कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों पर लाठियां बरसाने का आरोप नेताओं ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना किसी मजिस्ट्रेट या डीसी के आदेशों के कर्मचारियों पर लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बरसात के मौसम में शहर में गंदगी के ढेर लगने से गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।


