भिंड में बीटीआई रोड पर एक सरकारी शिक्षक की क्लीनिक है। इस पर हर दिन बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इन्हें कोई भी बीमारी हो, शिक्षक के द्वारा अधिकांश लोगों को इंजेक्शन लगा दिया जाता है और क्लीनिक पर पहले से पुड़िया में रखीं गोली थमा दी जाती हैं। इसके एवज में वह मरीज से रुपए भी ले रहे हैं। इन शिक्षक का इंजेक्शन लगाने का तरीका भी सबसे हटकर है। यह मरीजों को कपड़ाें के ऊपर से ही इंजेक्शन लगा देते हैं। खास बात तो यह है कि सरकारी शिक्षक की यह क्लीनिक लंबे समय से डीईओ ऑफिस के ठीक सामने संचालित हो रही है, लेकिन अब तक उनके विभाग के अधिकारियों ने ही इस ओर नजर नहीं डाली।
इन शिक्षक का नाम सतपाल शाक्य है। यह बरासों के पास स्थित शंकरपुरा गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पदस्थ हैं। बीटीआई रोड पर इनकी क्लीनिक है। इस क्लीनिक पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है और शाम को भी बड़ी संख्या में आसपास के इलाके से मरीज पहुंचते हैं। हालांकि उन्होंने अपनी इस क्लीनिक पर किसी भी तरह का बोर्ड नहीं लगाया है। क्लीनिक के ठीक बगल से ही कबीर नाम से मेडिकल स्टोर संचालित हो रहा है। लेकिन सतपाल शाक्य ज्यादातर मरीजों को कागज की पुड़िया में बंद एक जैसी गोली ही थमा देते हैं। कुछ मरीजों को दूसरी दवा लिखनी होती है, तो उन्हें बगल के मेडिकल पर दवाई लेने भेजते हैं। पूछने पर बोले- डॉक्टर साहब शाम को आएंगे दैनिक भास्कर टीम शुक्रवार शाम को शिक्षक सतपाल शाक्य की क्लीनिक पर पहुंची, तब यहां भीड़ लगी थी। शाक्य खड़े-खड़े ही सभी मरीजों को दवा लिख रहे थे और इंजेक्शन लगा रहे थे। साथ में एक अन्य युवक भी था। इनसे पूछा कि आप किस स्कूल में पदस्थ हो, तो जवाब दिया कि बरासों में। शाक्य ने कहा कि वह हर दिन अपने निश्चित समय पर पढ़ाने के लिए स्कूल जाते हैं। क्योंकि अब अटेंडेंस एप से लग रही है। क्लीनिक पर मरीजों को उनके द्वारा इंजेक्शन लगाने और दवा देने के सवाल पर कहा कि मैं तो कुछ देर के लिए ही आता हूं, शाम को सात बजे से डॉ. वीरेंद्र जैन बैठते हैं। इसका रजिस्ट्रेशन उनके नाम से ही है। कार्रवाई की जाएगी: ^ सरकारी शिक्षक ही यदि क्लीनिक संचालित कर रहा है, तो यह गलत है। उक्त शिक्षक के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। – संजीव श्रीवास्तव, कलेक्टर


