हेमंत सोरेन मंत्रिपरिषद ने ज्ञानोदय योजना के अंतर्गत राज्य के मीडिल स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा के लिए 94.50 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। विभिन्न थानों और अन्य पुलिस ऑफिस में नियुक्त अफसर, जो विभिन्न केस का अनुसंधान करते हैं, उनको मोबाइल फोन की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। ज्ञानोदय योजना के अंतर्गत मिडिल स्कूलों में कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास रूम की व्यवस्था की जाएगी। ऐसे 500 स्कूलों की पहचान की गई है। कैबिनेट सचिव ने बताया कि करीब 8 हजार ऐसे पुलिस अधिकारी हैं, जो विभिन्न केस के अनुसंधानकर्ता हैं। उन्हें मोबाइल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ये अधिकारी मोबाइल खरीदेंगे और उन्हें 25 हजार रुपए तक का रिम्बर्स किया जाएगा। संविदा पर नहीं रखे जाएंगे सलाहकार सह विशेष सचिव : दादेल ने बताया कि एक महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार, अब संविदा के आधार पर सलाहकार सह विशेष सचिव नहीं रखे जाएंगे। हालांकि, कृषि विभाग में कार्यरत वर्तमान विशेष सचिव प्रदीप कुमार हजारी अपनी सेवा विस्तार की अवधि तक काम करते रहेंगे। कैबिनेट ने उच्च कुशलता प्राप्त प्रोफेशनल को संविदा के आधार पर सलाहकार सह विशेष सचिव के रूप में नियोजित करने संबंधी संकल्प को निरस्त कर दिया। कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण निर्णय


