डूंगरपुर के सरकारी स्कूलों में बजट नहीं मिलने से बच्चों को उधारी की मिड डे मील की थाली परोसी जा रही है। 2 महीने से कुकिंग कन्वर्जन का बजट नहीं मिलने के चलते स्कूलों में मिड डे मील योजना का संचालन करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इसके साथ ही मिड डे मील योजना में मील बनाने वाले कुक कम हेल्पर्स को भी पिछले 2 महीने से मानदेय नहीं मिला है। जिसके चलते उन्हें भी घर चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी स्कूलों में बच्चों की पोषण स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सरकार की ओर से मिड डे मील योजना का संचालन किया जा रहा है। डूंगरपुर जिले के 2 हजार 244 सरकारी स्कूलों में मिड डे मिल योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसमें एक लाख 82 हजार 377 बच्चे योजना का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन डूंगरपुर जिले में 2 महीने से सरकारी स्कूलों में सरकार की ओर से बजट नहीं दिए जाने के चलते मिड डे मील की थाली उधारी में परोसी जा रही है। सरकार की ओर से स्कूलों को नवम्बर और दिसम्बर महीने की कुकिंग कन्वर्जन का बजट नहीं गया है। जिसके चलते मिड डे मील योजना उधारी में चल रही है। मिड डे मील प्रभारियों को भोजन पकाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दुकानदार भी उधारी का तकाजा कर रहे हैं। कुक कम हेल्पर्स को भी 2 महीने से नहीं मिला मानदेय
स्कूलों में मिड डे मील योजना में बजट का आवंटन 2 महीने से नहीं हुआ है। वहीं योजना में स्कूलों में मिड डे मील बनाने वाले कुक कम हेल्पर्स को भी 2 महीने से उनका मानदेय नहीं मिला है। जिले में 3 हजार 831 कुक हेल्पर्स को उनका मानदेय नहीं मिला है। जिसकी राशि करीब 1 करोड़ 53 लाख 24 हजार रुपए बताई जा रही है। 2 महीने से मानदेय नहीं मिलने से परेशान कुक कम हेल्पर्स ने बताया कि उन्हें वैसे ही 2000 रुपए प्रतिमाह का अल्प मानदेय मिलता है, लेकिन वह भी समय पर नहीं मिलने से उन्हें घर चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षक संगठन कई बार कर चुके मांग
राष्ट्रीय शिक्षक संघ के पदाधिकारी ऋषिन चौबीसा ने बताया कि सरकार की ओर से बजट का आवंटन नहीं होने से मिड डे मील योजना के सफल क्रियान्वयन में परेशानी आ रही है। सभी ब्लॉक्स में करीब 5 करोड़ रुपए बकाया चल रहा है। अन्य शिक्षक संगठनों ने विभाग को बजट आवंटन के लिए पत्र लिखे हैं, लेकिन अभी तक बजट आवंटन नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से जल्द बजट आवंटन की मांग रखी है। जब इस मामले में प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बजट के अभाव में भुगतान नहीं हो पाया है। जल्द बजट आने की उम्मीद है और बजट आते ही भुगतान किया जाएगा।


