मिलावटखोरों को जेल भेजने का प्रावधान ही खत्म:मिलावटी पनीर, खोवा बेचना आसान; एक बार में समोसा तलने के बाद तेल बदलने की अनिवार्यता खत्म

केंद्रीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाने-पीने की को लेकर कानून में ऐसा बदलाव कर दिया कि मिलावटखोरों को जेल भेजने का प्रावधान ही खत्म हो गया। अब खाने-पीने की मिलावटी और सुरक्षित चीजें बेचना प्रमाणित होने के बाद भी मिलावटखोर केवल जुर्माना लेकर छोड़े जाएंगे। यही नहीं वेजिटेबल ऑयल से बनने वाला पनीर, दाल, खोवा और दूध की जगह तेल से बनने वाली आइसक्रीम तक बेचना आसान हो गया है। जबकि तीन साल पहले तक इन तेलों के इस्तेमाल से बनने वाला पनीर बाकी चीजें कानूनन मिलावटी थे। इन्हें बेचने वाले कारोबारी से जुर्माना वसूलने के साथ जेल भी भेजा जाता था। खाने-पीने की चीजों में पिछले तीन साल के दौरान धीरे-धीरे लेकिन महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। उन्हीं संशोधन में मिलावटखोरों को जेल भेजने का प्रावधान खत्म कर और सजा को जुर्माने में तब्दील किया गया। हालांकि जेल भेजने का नियम बदलने के साथ जुर्माने की रकम में बढ़ोतरी की गई, लेकिन ये बढ़ोतरी भी दो लाख से बढ़ाकर अधिकतम 10 लाख तक ही की गई है। मिलावटखोरों को एक तरफ जहां जेल भेजने का प्रावधान खत्म किया गया, वहीं खाने पीने की ऐसी चीजों पर कानूनी मुहर लगा दी जो अब तक मिलावटी की श्रेणी में आती थीं। जिन्हें बेचने वाले कारोबारी या तो जेल भेजे जाते थे या उन पर जुर्माना वसूला जाता था। पनीर समेत खाने-पीने की चीजें जो पहले मिलावटी थी, अब उससे बाहर आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट सजा का प्रावधान जो हटा दिया गया मिलावटखोरों को पकड़ने अमला ही नहीं है प्रदेश में मिलावटखोरों को पकड़ने के लिए फील्ड में अमला भी नहीं है। राज्य के 33 जिलों में अभी केवल 61 खाद्य निरीक्षक हैं। इनमें 8 रायपुर में पदस्थ हैं। बाकी जिलों में एक-दो, एक-दो की पोस्टिंग है। यानी रायपुर में केवल 8 इंस्पेक्टर हैं। बाकी जिलों में एक से दो इंसेक्टर ही हैं। सीधे ऑयल शरीर में जा रहा, लिवर, हार्ट के लिए खतरनाक वेजिटेबल ऑइल से बनने वाला पनीर आर्टिफिशियल पनीर है। ये खुले में बनता है। इसलिए इसके प्रोसेस यानी बनाने में किस तरह की सावधानी बरती जाती है, ये भी स्पष्ट नहीं रहता है। लोग इसे पनीर के नाम पर उपयोग करते हैं और शरीर में ऑइल जाता है। इसी तरह फ्रोजन डेजर्ट को आमतौर पर लोग आइसक्रीम ही मानते हैं। ये भी ऑइल से बना है। ये शरीर के लिए नुकसानदायक है। इससे हार्ट और लिवर में असर पड़ता है। चीज के नाम पर किया जा रहे प्रयोग भी सेहत के लिए ठीक नहीं है। -डा. मनीष लूनिया, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट

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