मुंगेली जिले में बेसहारा और घुमंतू पशुओं के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए जिला प्रशासन ने “गौ सेवा संकल्प अभियान” शुरू किया है। इस अभियान के तहत जिला पंचायत सभाकक्ष में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 74 ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों को गायों की सेवा और संरक्षण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों ने गौ माता की सेवा करने, मवेशियों को खुले में न छोड़ने और सड़क पर मिलने पर उन्हें किनारे हटाने का संकल्प लिया। साथ ही उन्होंने अपने परिवार, मित्रों और पड़ोसियों को भी गौ सेवा के लिए प्रेरित करने का वादा किया। सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं को छोड़ने से आवाजाही बाधित कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कार्यशाला में बताया कि राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाएं और पशु मालिकों के लापरवाही से सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं को छोड़ने से आवाजाही बाधित होता है। इससे जनहानि, पशुहानि और मानहानि की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान उन्होंने कहा कि यह अभियान सभी को अपने मूल से जोड़ने का अभियान है। कलेक्टर ने ग्राम सचिवों को जिले की मुख्य कड़ी बताते हुए गौ चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने सड़कों पर मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया। SP ने कही ये बातें पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने गौ सेवा को पवित्र कार्य बताते हुए कहा कि यह धर्म से जुड़ा हुआ कर्म है। उन्होंने बताया कि गौ सेवा से तनाव से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है। पुलिस अधीक्षक ने सभी से इस अभियान को सेवा भाव के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया।


