धनबाद जिले के टुंडी थाना क्षेत्र के लोधरिया गांव में शुक्रवार को उस समय आक्रोश फैल गया, जब महाराष्ट्र में मजदूरी कर रहे जगरनाथ बाउरी का शव गांव पहुंचा। परिजनों ने बताया कि टुंडी और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के साधन न होने के कारण गांव के अधिकांश लोग दूसरे राज्यों में काम करने को मजबूर हैं। मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़े जगरनाथ भी रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र गया था, जहां चार दिन पहले उसकी मौत हो गई थी। शव घर पहुंचते ही ग्रामीणों और परिजनों ने लोधरिया-गोविंदपुर-गिरीडीह मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। वे मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग पर अड़ गए। जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लगी लंबी कतार ग्रामीणों का कहना था कि रोजगार की कमी ने गांव के लोगों को बाहर जाने के लिए मजबूर कर दिया है और ऐसे हादसों के बाद परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो जाती है। इस जाम के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन कई घंटे तक ठप रहा। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया सूचना मिलने पर टुंडी के प्रखंड विकास पदाधिकारी विशाल कुमार पांडेय, थाना प्रभारी उमाशंकर, और सांसद प्रतिनिधि सुभाष रवानी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। मृतक जगरनाथ बाउरी के परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण और भविष्य को लेकर ग्रामीणों ने विशेष मुआवजे की मांग रखी। अधिकारियों ने परिजनों को आश्वासन दिया कि उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद मुख्य मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।


