मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को राजनांदगांव के छुरिया स्थित ग्राम गोड़लवाही पहुंचे। यहां उन्होंने अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के शक्ति दिवस, शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की मूर्ति अनावरण और बिरसा मुण्डा की 150वीं जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 1 करोड़ 21 लाख 16 हजार रुपये की लागत से निर्मित हायर सेकेंडरी स्कूल भवन और 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपये की लागत से बना 50 सीटर प्री-मैट्रिक छात्रावास भवन शामिल हैं। उन्होंने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक की मूर्ति का भी अनावरण किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने उमरवाही तथा उमरवाही से करमरी तक सड़क चौड़ीकरण, गोड़लवाही में नवीन महाविद्यालय की स्थापना, स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल और अटल समरसता भवन के निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत हितग्राहियों को अधिकार पत्र और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को गैस कनेक्शन भी वितरित किए। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित थे। सीएम ने कहा- शहीदों के बलिदान से जनजातीय समाज मजबूत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज द्वारा आयोजित शक्ति दिवस, शहीद गैंदसिंह नायक की मूर्ति अनावरण और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर शामिल होने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने शहीद शिरोमणि गैंदसिंह नायक को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि देश और प्रदेश में जनजातीय समाज का समृद्ध इतिहास रहा है। शासन जनजातीय समाज के महापुरुषों और क्रांतिकारियों का सम्मान बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सीएम ने वाजपेयी के योगदान को याद किया उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज से एक व्यक्ति आसीन है। मुख्यमंत्री ने तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों तक पक्की सड़कें बनवाईं और जनजातीय समाज के विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। मुख्यमंत्री साय ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा जनजातीय समाज के विकास के लिए लाए गए बस्तर विकास प्राधिकरण और सरगुजा विकास प्राधिकरण का भी उल्लेख किया। उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान शासन द्वारा जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।


