मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बोले:नीतियों में नवाचार को प्राथमिकता दें, सरल प्रावधानों से आमजन को फायदा मिले

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को जनहित में नीति-निर्धारण के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री बुधवार को लम्बित नीतियों, योजनाओं एवं अधिनियमों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से सुशासन देना ही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने राजस्थान कृषि विकास योजना, एग्रो प्रोसेसिंग नीति, लैंड एग्रीगेशन और मोनेटाइजेशन पॉलिसी, इंडस्ट्रियल पॉलिसी, गारमेंट एंड अपैरल पॉलिसी, डाटा सेंटर पॉलिसी, नई पर्यटन नीति, ट्रांसफर ऑफ इंडस्ट्रियल लैंड्स वैलिडेशन एक्ट एवं राजस्थान कोचिंग सेंटर कंट्रोल एंड रेगुलेशन बिल पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए। सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता हो : सीएम ने कहा कि शीघ्र ही सहकारिता अधिनियम-2025 लाएंगे और इसमें जवाबदेही के प्रावधान जोड़े जाएंगे। सीएम ने सहकारिता बैंक की नियमित ऑडिट के नए प्रावधानों को जोड़ने के निर्देश दिए। युवा नीति को बनाएं रोजगारोन्मुखी : सीएम ने कहा कि सरकार युवा नीति ला रही है। नीति में खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रावधान जोड़े जाएं। वैट और आबकारी कानून में बदलाव होगा : सीएम ने प्रस्तावित वैट अधिनियम और आबकारी कानून के संदर्भ में दूसरे राज्यों की स्टडी कर स्टेट स्किल पॉलिसी में नए प्रावधान जोड़ने को कहा। सरकार का लक्ष्य युवाओं में कौशल क्षमता का विकास करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करना है, इसलिए नीति को रोजगारोन्मुखी बनाया जाए। शेखावाटी के लिए वरदान होगा यमुना जल समझौता मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शेखावाटी क्षेत्र की 30 वर्षों की लम्बित मांग का समाधान शुरू कर दिया है। यमुना जल समझौते के धरातल पर उतरने के बाद प्रथम चरण में राज्य के चुरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य क्षेत्रों को पूरा जल उपलब्ध हो सकेगा।

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