मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा भ्रष्टाचार, फर्जी जॉब कार्ड और बेकार कामों का पर्याय बन गया था। अब विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम-2025 यानी वीबी-जी राम जी से ग्रामीण रोजगार की तस्वीर बदलेगी। नए कानून में सालाना रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है और गांवों में ठोस व टिकाऊ काम होंगे। कानून ग्रामीण रोजगार नीति को विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ेगा। प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने वीबी-जी राम जी के फायदों को गिनाया। इसके साथ ही मनरेगा के दौरान हुई गड़बडिय़ों को बताया। प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोरा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मनरेगा के तहत अस्थायी सड़कें, अधूरी जल संरचनाएं और बिना योजना के काम हुए, जिनका दीर्घकालिक लाभ नहीं मिला। नरेगा में फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं की जांच पड़ताल की कोई व्यवस्था नहीं थी। सोशल ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गया। अब नए कानून में जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल एप और एआई से निगरानी होगी।


