प्रदेश के पशुपालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा के तहत 13 दिसम्बर से मुख्यमंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना का शुभारंभ किया। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. टी.ए. बन्सोड ने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक 12 जनवरी तक ई-मित्रों के माध्यम से पंजीयन करवा सकते हैं। पशुपालक अपने मोबाइल से भी ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। इस योजना के तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी व ऊंट पालने वाले परिवारों के पशुधन का रिस्क कवर होगा एवं पशुओं की आकस्मिक मौत पर पशुपालक परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में मुआवजा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की गाइडलाइन के अनुसार पशुपालकों को किसी तरह का प्रीमियम नहीं देना होगा। पशुपालक के अधिकतम दो दुधारू पशु (गाय, भैंस अथवा दोनों) ज्यादा से ज्यादा 10 बकरी, 10 भेड़, 1 ऊंट वंश का निःशुल्क बीमा किया जाएगा। यह बीमा उन्हीं पशुओं का होगा जो किसी अन्य योजना में बीमित नहीं हैं। बीमा योजना में आवेदन सिर्फ वही पशुपालक करवा सकेंगे जो जन आधार से जुड़ चुके हैं। उक्त बीमा एक वर्ष का होगा। साथ ही गौपालक क्रेडिट कार्ड धारक एवं लखपति दीदी पशुपालकों को पशुओं का बीमा कराने में प्राथमिकता दी जायेगी। योजना के तहत अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत एवं अनुसूचित जनजाति के लिये 12 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। बीमा पंजीकरण के समय पशु की टैंगिग अनिवार्य होगी तथा आवेदन करते समय उसके नम्बर आवश्यक रूप से लिखने होंगे।


