मुख्यमंत्री मोहन यादव का जबलपुर दौरा निरस्त:महाकौशल और साइंस कॉलेज में होंगे लोकार्पण कार्यक्रम, अन्य नेता रहेंगे मौजूद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का जबलपुर दौरा अब निरस्त कर हो गया है। वे सोमवार को जबलपुर आने वाले थे, लेकिन अब वे छिंदवाड़ा के परासिया गांव जाकर कफ सिरप से मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस कारण वे जबलपुर नहीं पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री को सिविल लाइन स्थित पीएम श्री शासकीय महाकौशल महाविद्यालय और शासकीय साइंस कॉलेज में बनी नई बिल्डिंग्स का लोकार्पण करना था। साथ ही वे प्रतिभा सम्मान समारोह सहित अन्य आयोजनों में भी भाग लेने वाले थे। पुलिस और प्रशासन ने कार्यक्रमों की सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं। कार्यक्रम होंगे, सीएम की जगह अन्य नेता होंगे शामिल हालांकि मुख्यमंत्री नहीं आएंगे, लेकिन कार्यक्रम पूर्व निर्धारित समय अनुसार होंगे। इनमें राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नु, विधायक अशोक रोहाणी, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज और भाजपा नेता कमलेश अग्रवाल शामिल होंगे। इसके अलावा जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष आशीष राव और बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र व आम नागरिक भी मौजूद रहेंगे। 13.54 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला भवन जानकारी के मुताबिक, शहर के महाकौशल कॉलेज में 13.54 करोड़ रुपए की लागत से तीन मंजिला भवन का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस महाकौशल कॉलेज के नवीन शैक्षणिक भवन में कुल 19 व्याख्यान कक्ष, प्रशासनिक ब्लॉक, स्मार्ट कक्षाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं कॉमन रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह भवन महाविद्यालय को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता योजना के अनुरूप प्रदेश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महाविद्यालय में नए भवन का लोकार्पण और भूमि पूजन महाविद्यालय के नवीन भवन के लोकार्पण के साथ ही महाविद्यालय परिसर में अधोसरंचनात्मक सुविधाओं के विस्तार के लिए 3 करोड़ 37 लाख रुपए से बनने वाले भवन का भूमि पूजन भी होगा। लोकार्पण समारोह के साथ ही महाविद्यालय में प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, खेल, सांस्कृतिक, नवाचार एवं सामाजिक सेवा क्षेत्रों में विशिष्ट उपलब्धि प्राप्त विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा।। साइंस कॉलेज में भी 10 करोड़ रुपए की लागत से भवन का निर्माण हुआ है। इस संस्थान में भी कक्ष की कमी हो रही थी, जो नए भवन के बनने के बाद काफी हद तक दूर होगी।

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