जल संसाधन विभाग द्वारा पिछले कई दिनों से मुख्य नहर में पानी बंद करने से सैंपऊ कस्बा सहित क्षेत्र के किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पानी के अभाव में आलू, सरसों और गेहूं की फसलें सूखने के कगार पर हैं। किसानों का आरोप है कि गेहूं की फसल को डेढ़ महीना हो चुका है, लेकिन अभी तक एक भी सिंचाई नहीं हो पाई है। इसी तरह आलू की फसल को भी पानी की सख्त आवश्यकता है, लेकिन जल संसाधन विभाग ने जरूरत के समय नहरों में पानी रोक रखा है। किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को फोन पर शिकायत की, लेकिन अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण नहरों में पानी की आपूर्ति बंद है। श्यामबाबू शर्मा, मूला बघेल, दशरथ ठाकुर, खिल्लो शर्मा, रामनिवास परमार, इसाक खान, लाखन कुशवाहा, गजेंद्र सिंह परमार, साबिर खान, शहजाद खान, बंटू खान और शहीद खान सहित कई किसानों ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो-चार दिनों में फसलों को पानी नहीं मिला, तो पाला पड़ने से फसलें बर्बाद हो सकती हैं।


