अलवर के रैणी क्षेत्र के लुनिया का बास भुड़ा गांव में रास्ते में चबूतरा बनाने के विरोध में गांव के लोग रात 12 बजे तक मिनी सचिवालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे रहे इससे पहले गांव लोग बुधवार दोपहर को ही अतिरिक्त कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव के आने-जाने के मुख्य मार्ग के बीच में चबूतरा बना दिया गया, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है और आवाजाही ठप हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, उल्टा शिकायत करने पर उन्हें धमकियां मिल रही हैं। आरोप है कि पटवारी भोलाराम की मिलीभगत से रास्ता बंद करवाया गया और चबूतरे का निर्माण कराया गया। इसके चलते पांच दिनों से स्कूली बच्चे भी स्कूल नहीं जा पाए। इसी के साथ प्रशासन से यह भी मांग ही की पटवारी को सस्पेंड किया जाए देर रात करीब 12 बजे तक धरने पर डटे रहे ग्रामीण समस्या का समाधान न होने से नाराज़ ग्रामीणों ने बुधवार को मिनी सचिवालय गेट पर धरना शुरू किया, जहां देर रात करीब 12 बजे तक सैकड़ों ग्रामीण कड़कड़ाती ठंड में बैठे रहे।धरने के दौरान एडीएम मुकेश कायथवाल मौके पर पहुंचे और समझाइश दी, मगर ग्रामीण मानने को तैयार नहीं हुए। धरने पर बैठे धर्म सिंह ने आरोप लगाया पटवारी भोलाराम मौके पर खड़े होकर रास्ते में चबूतरा बनवा रहा था। रास्ता बंद होने से गांव के बच्चों की पढ़ाई ठप है। तहसीलदार और एसडीएम सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, कार्रवाई नहीं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रास्ता बहाल नहीं किया गया तो पूरा गांव अलवर आएगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।


