मुख्य सचिव बोले- किसके यहां क्या पक रहा, सब पता:कहा- कुछ जिलों की कंपलेन उनके और सीएम के पास आई है, सुधर जाएं

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई है। कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई यह न समझे कि सब कुछ छिपा रहता है। किसके यहां क्या पक रहा है? इसकी पूरी जानकारी रहती है। उन्होंने अफसरों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हित में काम करने की चेतावनी दी। सीएस ने बताया कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री तक पहुंची हैं, इसलिए समय रहते सुधार कर लें। 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा
मुख्य सचिव ने 7 और 8 अक्टूबर को हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की। इसमें टॉप थ्री और बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के निर्देश दिए गए। बैठक में महिला सुरक्षा और नाबालिग बालिकाओं की तलाश से जुड़े ‘मुस्कान अभियान’ की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि 1900 से अधिक बालिकाओं की बरामदगी हुई है। जन जागरूकता में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम जिलों में रहे। राजस्व विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी
सीएस जैन ने राजस्व विभाग की कार्यशैली पर असंतोष जताया। आरसीएमएस (Revenue Case Management System) मामलों के निराकरण में देरी पर उन्होंने कहा कि कलेक्टरों का कंट्रोल नहीं दिख रहा। कई मामलों में निराकरण के बाद केस दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे सिस्टम की समीक्षा बेमानी हो जाती है। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि एक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपनी आईटी कंपनी को काम देने के लिए मामला रोके हुए हैं, जबकि सॉफ्टवेयर तैयार है। सीएस पहले ही तीन बार नया सिस्टम लागू करने के निर्देश दे चुके हैं। बैठक के दौरान फोन इस्तेमाल कर रहे थे बैतूल कलेक्टर
बैठक के दौरान बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के मोबाइल इस्तेमाल करने पर सीएस ने नाराजगी जताई। साथ ही मनरेगा की प्रगति पर भी असंतोष सामने आया। समीक्षा में यह तथ्य भी सामने आया कि जहां प्रगति शून्य है, वहां सीईओ के पद रिक्त हैं। चार बार बदली तारीख, तब हुई बैठक
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की समीक्षा बैठक की तारीखें कई बार बदलीं। पहले 31 दिसंबर, फिर 5 जनवरी और उसके बाद 15 जनवरी तय हुई, लेकिन प्रशासनिक कारणों से बैठक नहीं हो सकी। चौथी बार तय तारीख पर बुधवार को यह समीक्षा बैठक हो पाई। प्रदेश में 481 ब्लैक स्पॉट की पहचान
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून और व्यवस्था तथा विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, जिससे दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर में सहायता मिल सके। इस योजना में 1600 अस्पतालों को शामिल किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाएं। सड़क हादसों में मृतकों की संख्या में 45 से 50 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। गुना, डिंडौरी, मैहर, मुरैना, श्योपुर जैसे जिलों को और अधिक काम करने के निर्देश दिए। बताया गया कि प्रदेश में 481 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन्हें ठीक करने के प्रयास जारी हैं। अवैध खनिज कारोबार को सख्ती से रोकें
मुख्य सचिव ने सभी कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए कि वे अवैध खनिज कारोबार सहित समाज विरोधी अन्य गतिविधियों को सख्ती से रोकें। मुख्य सचिव ने भिंड, मुरैना, शहडोल, जबलपुर और नरसिंहपुर जिलों में विशेष अभियान चलाने के लिए कहा। एससी-एसटी मामलों में कार्रवाई न होने पर सख्ती के निर्देश
एससी-एसटी मामलों में कार्रवाई नहीं होने से लंबित केस में सागर कलेक्टर और एसपी सहित असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले जिलों को संवेदनशील होकर केस के निराकरण के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने पूरी गम्भीरता से निराकरण की समय अवधि तय करते हुए एसओपी जारी करने के लिए कहा। कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों को यह निर्देश भी दिए
लेक्टर और पुलिस अधीक्षक माह में कम से कम दो दिन संयुक्त रूप से बैठक तथा दौरा करें। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास करें। कलेक्टर शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं की हर माह समीक्षा करें। समीक्षा बैठक में विकासखंड और ग्राम स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी करें। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरण तय की गई समय सीमा में निराकृत करें। सीएम हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित सभी प्रकरणों का एक सप्ताह में निराकरण करें। कलेक्टर ग्रामीण विकास के कार्यों की भी हर महीने समीक्षा करें। साथ ही मुख्य सचिव ने 15 वर्ष से अधिक पुराने सभी शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने के निर्देश दिए।

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