भास्कर संवाददाता| बांसवाड़ा मोहन कॉलोनी से शुक्रवार की सुबह करीब 7 बजे मुनि आदित्य सागर ससंघ का बाहुबली कॉलोनी में मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर पर युवा मंडल, बहू मंडल, महिला मंडल, बालिका मंडल सहित समाज के सभी वर्गों ने अपने-अपने ड्रेस कोड और पारंपरिक वेभभूषा में भक्ति के साथ नृत्य करते हुए जुलूस की शोभा बढ़ाई। बाहुबली कॉलोनी के निकट पहुंचते ही पुलक मंच परिवार ने मुनि ससंघ का पाद प्रक्षालन और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। बाहुबली कॉलोनी स्थित मूलनायक भगवान सुमतिनाथ के दर्शन कर पांडाल में प्रवेश किया। समाज के प्रवक्ता महेंद्र कवालिया ने बताया कि समाज के अध्यक्ष एवं मुनि सेवा समिति ने चित्र अनावरण, पाद प्रक्षालन और शास्त्र भेंट किए। सकल दिगंबर जैन समाज ने चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंट किया। मंच का संचालन महिपाल शाह और शैलेंद्र कोठारी ने किया। मुनि आदित्य सागर ने कहा कि वागड़ में पहली बार आगमन हुआ है। उन्होंने कहा कि जीवन जीना कोई कठिन कला नहीं, यदि सही दृष्टि मिल जाए तो जीवन सफल हो जाता है। संत का काम जोड़ना है, तोड़ना नहीं। साधु को सुई बनना चाहिए, कैंची नहीं। सकारात्मक सोच, सही निर्णय, परिवर्तनशील चिंतन और मधुर वाणी की कला यदि कोई सीख ले, तो जीवन में दुख टिक ही नहीं सकता। इस अवसर पर आर्यिका विगुंजन माताजी ने कहा कि तीर्थ निर्माण का उद्देश्य केवल संरचना नहीं, बल्कि बांसवाड़ा को एक नई आध्यात्मिक पहचान देना है, जहां किसी प्रकार का पंथवाद न हो। आर्यिका श्री विकाम्या माता जी ने कहा कि वागड़ में पहले से अनेक तीर्थ हैं, एक और दिव्य तीर्थ बनने से वागड़ और अधिक चमकेगा।


