इन्द्र विहार इलाके में ओपेरो अस्पताल के सामने तीन मंजिला रेस्टोरेंट बिल्डिंग ढ़हने के बाद निगम के अधिकारियों की नींद टूटी। निगम को हादसे के बाद याद आया कि यहां बनाए गए भवन अवैध है। इन्हें केवल एक मंजिल दुकान की अनुमति है लेकिन भवन मालिकों ने तीन तीन मंजिला व्यवसायिक भवन बना लिए। जिसके बाद नोटिस जारी किए गए। इधर, सोमवार दोपहर निगम का अतिक्रमण विरोधी टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले निगम की टीम ने जो बिल्डिंग ढ़ही थी, उसके पास के भवन के आगे अतिक्रमण कर बनाए गए मुरादाबादी रेस्टोरेंट के काउंटर,किचन को तोड़ा। रेस्टोरेंट संचालक ने बिल्डिंग के आगे कच्चा-पक्का निर्माण कर रखा था। टीनशेड और एंगल लगाकर दुकाननुमा ढ़ांचा तैयार किया हुआ था जो कि फुटपाथ तक आ रहा था। इसमें मुरादाबादी रेस्टोरेंट संचालक काउंटर और कीचन संचालित कर रहा था। इसके पीछे वाली बिल्डिंग को ही डिस्मेंटल करने का काम चल रहा था। जिसकी वजह से ये हादसा हुआ था। सोमवार को निगम के अतिक्रमण अनुभाग की टीम मौके पर पहुंची और इस अतिक्रमण को हटाया। यहां से टीम ने सामान भी जब्त किए हैं। इसके साथ ही इस पूरी लाइन में दुकानों के आगे जो भी प्लेटफॉर्म, टीनशेड लगाए हुए थे, वे सब निगम की टीम ने हटाए। वहीं मुरादाबाद रेस्टोरेंट की बिल्डिंग, और आस पास की कुल पांच भवनों को अवैध निर्माण मानते हुए नोटिए दिए गए थे। इनमें अवैध रूप से निर्माण को हटाने, अतिक्रमण हटाने और जर्जर भवन खाली करने के निर्देश थे। नोटिस के समय की सीमा भी सोमवार को खत्म होगी।
मौके पर पहुंची निगम टीम के अधिकारी मुकेश कुमार से जब बिल्डिंग सीज करने और डिस्मेंटल करने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि मामला गंभीर है इसमें कमीश्नर ही जानकारी देंगे। यानी निगम टीम जो कार्रवाई करने पहुंची थी वह भी कुछ भी कहने से बचती रही। हालांकि भवनों के मालिकों को दो दिन का समय दिया गया था जो कि सोमवार को खत्म हो जाएगा, इसके बाद मंगलवार को निगम की टीम की कार्रवाई होगी। इन भवनों को दिए नोटिस
दुर्घटनाग्रस्त हुए भवन के पास प्लॉट संख्या एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 और एस-68 में बने भवन में अवैध निर्माण पाया गया है। इनमें से एस-68 में निर्मित भवन असुरक्षित भी हो गया है। ऐसे में इन सभी भूखण्ड मालिकों को तुरन्त प्रभाव से भवन खाली करते हुए दो दिन में अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया गया। दो दिन में भवन मालिकों की ओर से अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं तो निगम की ओर से नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। भवन तोड़ने के लिए भी स्वीकृति जरूरी
आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने शहरवासियों से अपील की है कि निगम से स्वीकृति प्राप्त किए बिना वे अपनी पूर्व निर्मित भवनों को नहीं तोड़ें। आयुक्त ने बताया कि नगर पालिका अधिनियिम 2009 की धारा 19़4 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किसी नगरपालिका की सीमा के भीतर नया भवन निर्मित करने, भवन को पुनर्निर्मित करने या भवन में रिनोवेशन करने या भवन के किसी बाहरी भाग को निर्मित या पुनर्निर्मित करने के लिए पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। ऐसे में जो भी व्यक्ति अपने पूर्व निर्मित भवन को तुड़वा रहे हैं या तुड़वाना चाहते हैं, वे पहले निगम से स्वीकृति प्राप्त करें।


